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| मृतक (फाइल फोटो) |
Jaunpur: बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के फत्तूपुर गांव के पास फोरलेन पर फॉर्च्यूनर कार की चपेट में आने से ग्रामपंचायत फत्तूपुर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पति सुरेश यादव की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना सोमवार देर रात की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर फार्च्यूनर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
ग्राम फत्तूपुर निवासी सुरेश यादव 40 वर्ष पुत्र रामदवर यादव अपनी जेसीबी मशीन में आयी तकनीकी खराबी को ठीक करानें जौनपुर गये हुए थे। मिस्त्री के यहां मशीन खड़ी कर रोडवेज बस से वह वापस घर आ रहे थे। वह जैसे ही घर के सामने एन एच 731 पर बस से उतर कर घर जानें के लिए रोड क्रास कर रहे थे कि सुल्तानपुर की ओर से तेज रफ्तार से जौनपुर की ओर जा रही फार्च्यूनर कार की चपेट में आनें से सुरेश जहां दस मीटर दूर जा कर गिरे वहीं फार्च्यूनर कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर फोरलेन के बगल खण्डक में जा गिरी। हालांकि घटना में फार्च्यूनर सवार भी कार में चोटहिल होकर फंसे हुए थे। घटना के दौरान आवाज इतनी तेज थी कि अगल बगल के लोग आवाज सुनकर मौके पर इकट्ठा हो गये। भीड़ ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला । उन्हें सामान्य चोटें आई थीं । किसी नें घटना की जानकारी पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 को दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस नेकर को भी कब्जे में ले लिया है।
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युवक की मौत से परिजनों में मचा कोहराम । बदलापुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फत्तूपुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी के पति सुरेश यादव की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कौन जानता था कि सोमवार की रात सुरेश के लिए उनके जीवन की काली रात हो जाएगी । जेसीबी मशीन बनवाने गए सुरेश यादव व्यस्तता के कारण शहर में अपनी भूख भी नहीं मिटा पाए थे। उन्होंने टेलीफोन से अपनी मां कमला देवी को फोन करके बताया था कि भूख तेजी में लगी है , बस बदलापुर पहुंच गया हूं । 10 मिनट में घर आ रहा हूं। परंतु सुरेश के नसीब में घर का भोजन पानी नहीं रहा। पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी भी भोजन बना कर पति के आने का इंतजार बेसब्री से कर रही थी। परन्तु परिजनों को क्या पता था कि सुरेश अब घर लौटकर नहीं आएंगे। सुरेश जेसीबी से मिट्टी का खनन करके परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके दोनों बेटे आयुष 22 वर्ष आर्यन 17 वर्ष का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार में पिता रामदवर , माता कमला देवी , पत्नी गीता देवी बेसुध होकर पड़े हुए हैं। उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करनें वाले महिला पुरुष की भारी भीड़ जमा है। सुरेश गांव से लेकर बाहर तक बहुत ही मिलनसार युवक थे। जानकारी मिलने के बाद परिवार के अलावा उनके चाहने वाले भी उनकी मौत पर आंसू बहा रहे हैं। सुरेश की मौत की खबर मिलते ही कम्पोजिट विद्यालय फत्तूपुर के प्रधानाध्यापक राम सिंह की अध्यक्षता में शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शोकसभा आयोजित कर मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना किया। लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करनें के लिए साहस देनें की ईश्वर से प्रार्थना किया। शोकसभा में सतीश निगम, जीतेन्द्र यादव, आसमां परवीन ,राजकेशर यादव, मनफूला,शोभावती,आरती, कमलावती, अमृता आदि लोग मौजूद थे।
