जौनपुर । आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल प्रांत प्रभारी डॉक्टर अनुराग मिश्रा ने राष्ट्रपति को पत्र भेज कर यह गुहार लगाई है कि भारत की ऐसी कंपनियां जो हजारों करोड़ों रुपए के घाटे में चल रहरही हैं बावजूद इसके उनके द्वारा इलेक्टोरल बांड के माध्यम से करोड़ों रुपया केंद्र की सत्तरूढ़ भारतीय जनता पार्टी को चंदे के रूप में दिया गया है, जिसका खुलासा होने के बाद भी भारत की स्वतंत्र जांच एजेंसियां ईडी ,सीबीआई और इनकम टैक्स खामोश बैठी हैं यदि भारत सरकार और उसकी जांच एजेंसियां यह समझती हैं कि इन कंपनियों व इनके मालिकों द्वारा कुछ भी गलत नहीं किया गया है और नियमों के तहत इन्होंने चंदा दिया है तो निश्चित रूप से ऐसी कंपनियां भारत रत्न पाने का हकदार है।
वैसे तो भारत में एक से बढ़कर एक दानवीर हुए हैं लेकिन पूरा भारत का इतिहास खंगालने पर भी ऐसी दानवीर नहीं मिलेंगे। महान एकलव्य महायोगी दाधीच दानवीर कर्ण और राजा हरिश्चंद्र ने भी अपना सर्वस्व निछावर कर दिया फिर भी वह वही दान कर सके जो उनके पास था लेकिन इन कंपनियों ने तो पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़कर वह सब कुछ भी दान कर दिया, जो इनके पास नहीं था। इतने बड़े कुलसी के बाद सरकार और जांच एजेंसियां चुप नहीं बैठ सकतसकती हैं। यदि सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो ऐसे महान लोगों को भारत रत्न देने में क्या परेशानी है?आम आदमी पार्टी का साफ मानना है कि यह पूरा मामला "चंदा दो - धंधा लो" का है जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए।
