बच्चों के पुष्टाहार को डकार जा रहे हैं भ्रष्टाचारी
जौनपुर। जिले में पोषण आहार योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। शहरी क्षेत्रों में तमाम आंगनबाड़ी केंद्र केवल कागजों पर ही चल रहे हैं। विश्वत सूत्रों से पता चला है कि अधिकतर केंद्र बंद रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि केंद्र तभी खुलता है जब कोई बड़ा अधिकारी जांच के लिए आता है।
जिलाधिकारी और सीडीओ जैसे उच्च अधिकारियों की आंख में धूल झोंक कर सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है। एक ग्रुप है जो इस घोटाले को काफी सुचारू रूप से चला रहा है। ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकत्री घर बैठे ही तनख्वाह ले रही है और इस पूरे प्रकरण में सुपर वाइजर की भूमिका संदिग्ध है। सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के घर में बैठकर आराम फरमाती है और केंद्र कैसे बंद करके चलना है इसका तरीका भी बताती हैं। बताते चले कि शहरी क्षेत्र के भंडारी स्टेशन, अहियापुर, मंडी नसीब खां, ख्वाजगी टोला, आलमगंज, ताड़ताला, मीरमस्त, रोजा अर्जन सहित कई केंद्र केवल कागज पर ही संचालित हो रहे हैं। इस खेल में करदाताओं के करोड़ों भ्रष्ट सिस्टम की जेब में गए और बच्चे महिलाए कुपोषित ही रह गए।
सीडीपीओ ने कहा....
इस संबंध में जब सीडीपीओ मनोज वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अगर ऐसी कोई भी कमियां पाई जाती है तो नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर सख्त कारवाई संबंधित के खिलाफ की जाएगी।

