Jaunpur
मछलीशहर नगर के कायस्थाना मोहल्ला निवासी तहसील अधिवक्ता राजकुमार पटवा सहित 11लोगों के विरुद्ध कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सूचना मिलते ही तहसील अधिवक्ता आक्रोशित हो गए।उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की गई।
नगर के सैयदबाड़ा मोहल्ला निवासी खुर्शीद जमाल रिजवी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके मकान,बाउंड्री की सुरक्षा के लिए सामने लगा पत्थर कायस्थाना मोहल्ला निवासी अधिवक्ता राजकुमार पटवा सहित 11 लोग उखाड़ दिए।कोतवाली में उक्त लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 191(2),131,333,352,351(2),324(2)के अतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई जबकि अधिवक्ता का आरोप है कि खुर्शीद जमील रिजवी सरकारी इंटर लाकिंग उखाड़ कर बड़े बड़े पत्थर लगाकर सार्वजनिक रास्ते पर आवागमन बाधित कर दिए थे।जिसको शिकायत मिलने पर नगर पंचायत कर्मियों द्वारा उखाड़ दिया गया तो आरोपी आक्रोशित होकर मुझे गाली देते हुए पिटाई किया और जान से मारने की धमकी दिया।
कोतवाली में मेरी प्राथमिकी भी नहीं दर्ज की गई।आक्रोशित अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग किया कि खुर्शीद जमाल रिजवी आदि के विरुद्ध उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनावश्यक सार्वजनिक रास्ते में अवरोध से मना किया जाय।कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह का कहना है कि 15 वर्ष पुराने पत्थर को उखाड़ने का विवाद था।जिसमें 11 लोगों के विरुद्ध तहरीर के आधार पर उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, भरत लाल यादव,रमेश चंद्र यादव,आलोक विश्वकर्मा,सुरेंद्र मणि शुक्ला,वीरेंद्र कुमार, महेंद्र नाथ वर्मा मौर्य,बाबू राम सहित भारी खंख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।




