Jaunpur
आज से आठ वर्ष पूर्व में राजेश सिंह 18 सितम्बर 2016 को उरी सेक्टर में आतंकवादियों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। जिले के करंजाकला विकास खंड के भकुरा गाँव निवासी निवासी राजेन्द्र प्रसाद सिंह के पुत्र 30 अगस्त 1982 में पैदा हुए शिक्षा ग्रहण के बाद उन्होंने देश सेवा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुए और देश की सेवा करते हुए आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए जिसमें राजेश सिंह समेत कुल 18 जवान शहीद हुए थे। राजेश सिंह के पिता राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने अपनी पीडा बताते हुए भावुक होते बताया कि सरकार ने जो वायदे किये थे वे आज आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर जिले में बुलाकर 20 लाख रुपये की मदद की थी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने वादा तो बहुत कुछ किया था लेकिन सब कोरा अश्वासन ही साबित हुआ है बड़ी मुश्किल से चार वर्षों के संघर्षों के बाद सिद्दीकपुर में शहीद राजेश सिंह के नाम से द्वार का निर्माण हुआ है। शहीद की पत्नी को पेंशन के सिवाय कोई भी मदद सरकार से नहीं हो पायी है। शहीद की पत्नी अपने बेटे को लखनऊ में रह कर पढाई करा रही है। राजेश सिंह के पिता ने कहा कि इमदाद के नाम पर सरकारों से केवल कोरा ही अश्वासन अब तक मिला है। अपना दुखड़ा तो ब्लॉक से लेकर जिला प्रशासन राज्य सरकार भारत सरकार को लेटर भेजा लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है । शहीद होने के आठ साल के बाद वायदे के अनुसार सरकारी स्कूल में बेटे को दाखिला नहीं मिला न नाम से सड़क बनी और न ही आर्थिक मदद और ना ही जमीन मिली सब कुछ कोरा पाखंड और अश्वासन ही रह गया। अब देखना यह है कि भाजपा की फिर वही ढांक के तीन पात ही साबित होती है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

