👉फर्जी भाई बनकर ज़मीन बैनामा करने का मामला
जौनपुर। शाहगंज मे दर दर भटकते भटकते एक महिला वृद्ध अवस्था तक पहुंच गई तब कहीं जाकर न्याय की उम्मीद की किरण नज़र आई।कोतवाली शाहगंज के ग्राम समैसा निवासी सुरसत्ती देवी पत्नी रामअचल के पड़ोस का ही एक व्यक्ति छोटेलाल को फर्जी भाई बनाकर सुरसत्ती देवी के करोड़ो की ज़मीन फर्जी दस्वावेज़ के सहारे छोटेलाल ने अपने नाम करा लिया।इसकी जानकारी होने पर सुरसत्ती देवी के पैरों तले जमीन खिसक गई। सुरसत्ती देवी ने मामले की शिकायत शहगंज तहसीलदार के यहां की।जहां अठारह वर्षों से मामला लंबित था। इस बीच सुरसत्ती देवी कई बड़े अधिकारियों के दरवाजे खटखटाये मगर कोई हल नही निकल सका।जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मानदंड के शाहगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर सुरसत्ती से जब मामले को सुना तो जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने उपजिलाधिकारी को आदेशित करते हुए मामले को जल्द से समाधान करने को कहा।
उसके मामले एसडीएम की कोर्ट में चला गया जहां कुछ वर्ष मामले चलने के अंततः 18 वर्षों बाद वर्तमान उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया ने उक्त मामले में आदेश करते हुए कहा की अपील करती द्वारा प्रस्तुत अपील स्वीकार की जाती है।अवर न्यायालय द्वारा पारित आदेश 16/12/19निरस्त किया जाता है।एवं पत्रावली अवर न्यायालय को इस निर्देश के साथ प्रत्यावर्तित की जाती है कि पक्षों को साक्ष्य एवं सुनवाई का अवसर देकर उपरोक्त प्रस्तरों में की गयी विवेचना के क्रम मे गुण-दोष के आधार पर दो माह मे वाद का निस्तारण करें। इस न्यायालय की पत्रावली आवश्यक कार्यवाही उपरान्त अभिलेखागार संचित हो। फिलहाल लगभग दो दशक से मुकदमे झेल रही सुरसत्ती देवी को न्यायालय पर अब पूरा भरोसा है की दो माह में जो फैसला आएगा वो सत्य की जीत की होगी।
राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण 18 वर्षो तक लटका रहा मामला-एडवोकेट जेबी सिंह इस मामले की पैरवी कर रहे तहसील शाहगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता जेबी सिंह ने कहा की प्रशासनिक मामलों में राजनैतिक दखल के कारण मामला 18 वर्षों तक लटका रहा।उन्होंने आरोप लगाया की सत्ताधारी पार्टी के कुछ कथित नेताओ का भी हाथ होने से एक अबला नारी को न्याय मिलने में इतना लंबा समय लगा। उन्होंने कहा 225. सद्भावनापूर्वक की गयी कार्यवाही का संरक्षण(1) राज्य सरकार का कोई अधिकारी या सेवक इस संहिता या तद्दीन बनायी गयी नियमावली के अधीन किए गए या किए जाने के लिए तात्पर्पित किसी कार्य के सम्बन्ध में किसी सिविल या आपराधिक कार्यवाही में दायी नहीं होगा यदि 3 [वह] कार्य सद्भावनापूर्वक किया गया है और इस संहिता द्वारा या इसके अधीन] अधिरोपित कर्तव्य के निष्पादन या कृत्यों के निर्वहन के समय किया गया है।
इन निर्देशों का भी पालन न करना भी देरी से न्याय मिलने का एक कारण है।
पूरा भरोसा था पाप का घड़ा भरेगा और मुझे न्याय मिलेगा-सुरसत्ती देवी लंबे वर्षों के इंतज़ार के बाद सुरसत्ती देवी ने बताया कि मुझे शासन प्रशासन पर पूरा भरोसा था।की एक दिन मुझे न्याय जरूर मिलेगा।आज वह दिन आगया।एक सवाल के जवाब में सुरसत्ती देवी ने कहा की इन 18 वर्षों में मेरी एक ज़मीन बिक गयी हालात भीख मांग कर खाने की नौबत आगयी मगर अब एक आस जगी है की तहसीलदार न्यायालय से मुझे दो माह के अंदर सम्पूर्ण न्याय मिलेगा और फर्जी बने भाई को उसके करनी की सज़ा मिलेगी।
