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| डॉक्टर प्रदीप सिंह |
जौनपुर। पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग के प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत सचिव ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली एवं मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्यों का विरोध करने हेतु समग्र रूप से आज से प्रदेश व्यापी क्रमिक सांकेतिक शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत काली पट्टी बांधकर करेंगे। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रदीप सिंह एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुबाष चंद्र पांडेय ने संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उपर्युक्त कार्यक्रम घोषित करते हुए अवगत कराया है कि शासन द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को बिना कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये उनके व्यक्तिगत मोबाइल एवं सिम से फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के द्वारा क्षेत्रीय सचिवों की उपस्थिति हेतु पत्र जारी किया गया है जिससे पूरे प्रदेश में सचिवों में रोष एवं भय व्याप्त है क्योंकि उपर्युक्त उपस्थित प्रणाली उनके क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है। साथ ही प्रदेश संगठन के दोनों नेताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय ग्राम सचिव अपना मूल कार्य नियमित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर गैर विभागीय कार्य जैसे फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो स्टैक सर्वे, गौशाला प्रबंधन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न प्रकार के पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प एवं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा का प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य, पराली प्रबंधन आदि को करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए शासन प्रशासन के अधिकारी अत्यधिक दबाव बना रहे हैं जिससे कर्मचारी अस्वस्थ होने के साथ विभिन्न दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे हैं।
तदक्रम में पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग के सचिवों की पीड़ा को देखकर केंद्रीय नेतृत्व ने दिनांक 01 दिसंबर 2025 से 04 दिसंबर 2025 तक विकास खंडों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। दिनांक 05 दिसंबर 2025 को पूरे प्रदेश के समस्त 826 विकास खंडों में प्रदेश के समस्त सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन करेंगे तथा माननीय मुख्यमंत्री जी को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे इसके बाद प्रदेश के समस्त सचिव अपने व्यक्तिगत मोबाइल से जनपद के समस्त शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से अपने को विरत कर लेंगे। दिनांक 10 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी सचिव अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे तथा दिनांक 15 दिसंबर 2025 को समस्त सचिव अपने डोंगल को विकासखंडों पर समर्पित कर देंगे।
डॉ प्रदीप सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि उपर्युक्त समस्यात्मक बिंदुओं पर अगर शासन प्रशासन द्वारा समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया तो प्रदेश के संपूर्ण सचिव भविष्य में संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं अनवरत धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर हो सकते हैं जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।


