जौनपुर। जश्ने मेराजुन्नबी औलिया सीरत कमेटी की ओर से गुरुवार को सुतहटी चौराहे पर कौमी एकजुटता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपसी भाईचारे, प्रेम व शांति का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरआन से हुई, इसके बाद नात-ए-पाक पेश की गई। वक्ताओं ने हज़रत मोहम्मद साहब (सल्ल.) की सीरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन मानवता, अमन और भाईचारे की अनुपम मिसाल है। उन्होंने समाज में आपसी सौहार्द, एक-दूसरे के सम्मान और देश की एकता को मजबूत करने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जौनपुर (सदर) सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि जौनपुर की पहचान आपसी सद्भाव और भाईचारे से है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं, जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सरफराज ने अपने संबोधन में कहा कि मेराज की रात मुसलमानों को पांच वक्त की नमाज का तोहफा मिला था, इसलिए सभी को नमाज की पाबंदी करनी चाहिए। पूर्व विधायक अरशद खान सहित अन्य वक्ताओं ने भी पैग़म्बरे इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने और समाज में मोहब्बत फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनवारूल हक गुड्डू ने की, जबकि संचालन सलमान शेख ने किया। इस अवसर पर शकील मुमताज, शम्स तबरेज, शाहिद मंसूरी, हाजी मोहम्मद इमरान, हाफिज शाह, सद्दाम हुसैन, जावेद अजीम, लाल मोहम्मद राईनी, फिरोज अहमद पप्पू, कमालुद्दीन अंसारी, राजा नवाब सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
अंत में देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की गई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

