👉31 जनवरी को मुंबई में मिलेगा ‘पॉपुलर सिविलियन आइकॉन अवार्ड
जौनपुर। महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित एम.एच.सी. फाउंडेशन द्वारा पूर्वांचल में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. हरेंद्र देव सिंह को ‘पॉपुलर सिविलियन आइकॉन अवार्ड’ के लिए नामित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हृदय रोगों के प्रति आम जनमानस में जागरूकता फैलाने, एक दिन में सर्वाधिक शुगर जांच का विश्व कीर्तिमान स्थापित करने तथा हार्ट अटैक में उपयोगी महत्वपूर्ण इंजेक्शन की कीमत कम कराने के लिए प्रदेश सरकार से की गई उनकी मुखर मांग जैसे जनहितकारी कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
यह भव्य अवार्ड समारोह आगामी 31 जनवरी को मुंबई स्थित हयात होटल में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के जाने-माने फिल्मी कलाकारों, उद्योगपतियों और प्रतिष्ठित समाजसेवियों की उपस्थिति रहेगी। संस्था की ओर से बताया गया कि यह सम्मान देशभर में अपने-अपने क्षेत्र में जनजागरूकता, समाज सेवा और सामाजिक उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है।
एम.एच.सी. फाउंडेशन के संयोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि डॉ. हरेंद्र देव सिंह को यह पुरस्कार उनके द्वारा पिछले 25 वर्षों से निरंतर किए जा रहे जनस्वास्थ्य अभियानों के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में समय-समय पर निशुल्क जांच शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों की समय रहते जांच कर उन्हें उचित परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।
डॉ. सिंह द्वारा कई जरूरतमंद मरीजों के लिए फ्री पेसमेकर इंप्लांटेशन और हृदय रोग से संबंधित ऑपरेशनों की व्यवस्था कराई गई। इसके साथ ही उन्होंने हृदय रोग की दवाइयों और हार्ट अटैक में जीवन रक्षक इंजेक्शन की अधिक कीमतों को लेकर लगातार आवाज उठाई। उनके प्रयासों का ही परिणाम रहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने हार्ट अटैक में उपयोगी इंजेक्शन के दाम कम किए, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
डॉ. हरेंद्र देव सिंह के जागरूकता अभियानों से पूरे पूर्वांचल में हृदय रोग, मधुमेह और ब्लड प्रेशर से होने वाली मृत्यु दर में कमी आई है और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ी है। पिछले ढाई दशक से लगातार जनस्वास्थ्य को समर्पित उनका यह कार्य ही उन्हें विशेष बनाता है, जिसके लिए महाराष्ट्र की यह संस्था और देशभर के लोग उन्हें सम्मानित कर रहे हैं।

