👉विदेशों में हासिल की उच्च शिक्षा, भारत में स्थापित करेगी खुद का उद्योग
जौनपुर। किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। भारत देश इस मामले में भाग्यशाली है कि, यहां युवाओं की संख्या अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है। युवा अपनी शक्ति, सामर्थ और उर्जा का सही दिशा में उपयोग कर खुद को विकसित करने के साथ ही देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है।
उक्त बातें नगर के अचलादेवी घाट स्थित सच्चिदानंद राय मुन्ना व अंजू राय की पुत्री खुशी राय ने विदेशों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर स्वदेश वापसी पर एक मुलाकात के दौरान कहीं । मद्रास क्रिश्चियन कालेज से स्नातक की पढ़ाई कर खुशी राय ने एशिया में प्रथम व वैश्विक स्तर पर आंठवा स्थान रखने वाली नेशनल यूनिवर्सिटी आफ सिंगापुर से एम. आई . एम . से फाइनेंस में स्पेशलाइजेशन कर परास्नातक की शिक्षा पूरी किया है। खुशी को अपने देश के साथ ही विदेशों की नामी गिरामी कम्पनियों ने जाॅब आफर करना शुरु किया लेकिन खुशी खुद का उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। खुशी ने बताया की विदेश में पढ़ाई के साथ साथ कई अन्य देशों जार्जिया, जापान , मलेशिया,वियतनाम आदि देशों की सभ्यता, संस्कृति और विकास के आयाम को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला । अन्य देशों की तुलना में भारत प्राकृतिक रुप से अधिक समृद्धशाली है, युवाओं की संख्या अधिक है, पर्यावरण व पर्यटन के क्षेत्रों में कार्य करने की असीमित संभावनाए हैं । उन्होंने कहा कि, भारत साधन और संभावनाओं से भरा देश है। युवा साकारात्मक दिशा में उर्जा का सदुपयोग कर नये उद्यम स्थापित कर खुद को समृद्ध बनाने के साथ ही देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित सकते हैं।
कई देशों से मिलने वाले हाई पैकेज की नौकरी के आफर को छोड़ खुशी राय, खुद का उद्योग स्थापित करना चाहती है।
जिससे की अपने देश में ही खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया की कोई काम छोटा नहीं होता है। जब भी अवसर मिले करियर को शुरु कर देना चाहिए आगे रास्ते खुद बन जाते हैं। युवाओं को नौकरी करने के बजाय खुद के उद्यम को स्थापित करने की दिशा में सोचना और पहल करना समय की मांग है।


