सिंगरामऊ, जौनपुर। ठाकुर बाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के मुख्यालय गौरी शंकर मंदिर सिंगरामऊ में आज बाल विवाह को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि, विजय कुमार पाण्डेय मुख्य कार्यक्रम अधिकारी (DPO-ICPS), एकीकृत बाल संरक्षण योजना, जौनपुर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम के शुरुआत में जानकारी देते हुए संस्था प्रमुख डा.अंजू सिंह के द्वारा इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर चर्चा करते हए बताया गया की इस अभियान के माध्यम से हम लोगो को तय करना है की कोई भी बाल विवाह हमारे जनपद में न होने पाए क्योंकि बाल विवाह से उन दोनों बच्चों का सामाजिक और मानसिक विकास प्रतिबाधित होता है।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसके तहत 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। यदि किसी बच्चे का विवाह जबरन कर दिया गया है, तो वह बच्चा वयस्क होने के 2 वर्ष के भीतर न्यायालय के माध्यम से अपने विवाह को अमान्य घोषित करवा सकता है।
इस अधिनियम के अन्तर्गत बाल विवाह आयोजित करने वाले अभिभावकों, विवाह कराने वाले पंडित/काजी,टेंट हाउस, डीजे संचालन,भोजन बनाने वाले और इसमें सम्मिलित होने वाले सभी अतिथियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें 2 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
बाल विवाह की रिपोर्ट करने हेतु भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म (stopchildmarriage.wcd.gov.in) लॉन्च किया गया है।पोर्टल के माध्यम से बाल विवाह निषेध अधिकारियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिला बाल संरक्षण इकाइयों के माध्यम से जमीनी स्तर पर बाल अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह रोकने के लिए मिशन वात्सल्य काम करती है।
संस्था के टीम लीडर महेन्द्र कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब बाल विवाह रोकने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की जवाबदेही भी तय की गई है। व्यक्तिगत कानून भी इस अधिनियम के आड़े नहीं आ सकते। हर जिले में विशेष अधिकारी नियुक्त हैं। बाल विवाह की सूचना मिलते ही वे बिना वारंट के शादी रुकवाने और दोषियों को हिरासत में लेने की शक्ति रखते हैं।
कार्यक्रम में अंकिता सिंह द्वारा बाल विवाह मुक्त समाज बनाने हेतु मोटिवेशनल गीत *,पापा बचपन में जनि किया कन्यादनवा,* तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम सुनील एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सौम्या सिंह ने किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों द्वारा बैनर पर स्वहस्ताक्षर द्वारा बाल विवाह अभी नहीं कभी नहीं हेतु संकल्प लिया गया तथा बाल विवाह मुक्त समाज हेतु शपथ भी लिया गया।
कार्यक्रम में रामसिंह (सिनर्जी) संजीव,सत्यम मिश्रा लालमणि,सौम्या,शानू,सत्यजीत, राजनाथ मौर्या, शकुंतला,रोशनी,नीलम,प्रियंका, आरती,अंश,आयुष, मौसीम सहित 300 महिलाएं शामिल हुई।
संस्था की प्रबंधक/सचिव डा.अंजू सिंह ने कार्यक्रम में भागीदारी करने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि
बाल विवाह मुक्त समाज बनाने हेतु वे डरें नहीं, अगर किसी जगह बाल विवाह की सूचना मिलती है तो चाइल्डलाइन 1098 या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। उन्होंने सभी प्रतिभाग करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों,समुदाय से आए लोगों को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए मुख्य अतिथि की अनुमति से कार्यक्रम का समापन किया।


