शाहगंज, जैनपुर। क्षेत्र के बड़ागांव स्थित चहार रोजा प्रांगण में सोमवार रात ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की याद में कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में शिया और सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मौलाना जफर मेहंदी, मौलाना शौकत रजा, मौलाना कासिम, मौलाना रजा अब्बास और मौलाना अज़मी अब्बास ने इमाम खामनेई के जीवन पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि अली खामनेई ने इंसानियत के लीडर के रुप में सच्चाई का साथ दिया और इमाम हुसैन की राह पर चलते हुए शहादत को अपनाया। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के सामने झुकने से इनकार किया। आयतुल्ला अली ख़ामेनेई के निधन की खबर के बाद बड़ागांव में समुदाय के लोगों में शोक और आक्रोश देखा गया। चहार रौज़ा प्रांगण में एकत्रित महिलाएं, पुरुष और बच्चे कैंडल मार्च में शामिल हुए। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिनके माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया गया। मजलिस का संचालन सहर अर्शी ने किया, जबकि इमामे जुमा वल जमात मौलाना सैयद अज़मी अब्बास ने अंतिम तकरीर दी।
समाजसेवी विवेक यादव उर्फ विक्की और धर्मेंद्र यादव ने अली खामनेई की हत्या की कड़ी निंदा की। उपस्थित लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ महिलाओं ने इसे मुस्लिम उम्माह के लिए अपूरणीय क्षति बताया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन सतर्क रहा और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस में 'या हुसैन' और अमेरिका व इजराइल के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। कैंडल मार्च में मो. इमरान, शमीम हैदर बारादरी, मेराज हाशमी, रईस अहमद, ज़ाकिर हुसैन सैजी, अब्दुल्लाह अंसारी, वारिस हाशमी, बबलू, वसीम हैदर मुन्ना, हसन मेहंदी, अदनान खान, मीसम खान, कमर अब्बास सहित सैकड़ों अकीदत मंद मौजूद थे।


