👉विश्व क्षय दिवस पर ठाकुर बाड़ी संस्था के मुख्यालय पर पोषाहार वितरण, संगोष्ठी व अन्य कार्यक्रम
सिंगरामऊ (जौनपुर)। विश्व क्षय दिवस पर मंगलवार को ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति ने स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए गौरीशंकर मंदिर सिंगरामऊ स्थित मुख्यालय पर १०४ टीबी मरीजों को पोषाहार बांटा। संगोष्ठी के साथ ही कई अन्य कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम का ज्यादा फोकस इस वर्ष की थीम, हां हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं, पर रहा।
बतौर मुख्य अतिथि रेडक्रॉस सोसायटी उत्तर प्रदेश (आईआरसीएस) के महासचिव रामानंद कटियार एक श्लोक का अर्थ बताते हुए बोले, न राज्य की कामना है, सिर्फ़ दुखी प्राणियों के काम आ सकूं-- के माध्यम से ठाकुरबाड़ी संस्था के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी देश के विकास का पैमाना बड़ी सड़कें और बड़े प्रोजेक्ट ही नहीं होते। भारत माता की जय तभी होगी जब सम्पूर्ण व्यवस्थाओं की जय होगी। देश के स्वस्थ नागरिक देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
आजकल अक्सर यह कहते सुना जाता है कि हम तो कुछ नहीं खाते, हमें रोग कैसे हो गया। उन्होंने कहा, जब पेड़ काटे जा रहे है। फर्टिलाइजर का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है तो ऐसे खतरनाक रोगों से कैसे बचा जा सकता है? ऐसी स्थिति में पौष्टिक भोजन की व्यवस्था करवाने, पौधरोपण करवाने के लिए ठाकुरबाड़ी की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। अक्सर टीबी के मरीज घनी आबादी और स्वच्छता की कमी वाली जगहों से ज्यादा पाए जाते हैं। टीबी से प्रतिदिन प्रभावित हो रहे लोगों तथा इससे होने वाली मौतों के आंकड़े देते हुए उन्होंने लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर छींकने, खांसने और थूकने से बचने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि कर्नल पुष्पेंद्र सिंह कीर्तिचक्र ने कहा कि ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में ठाकुरबाड़ी की ओर से होने वाले ज्यादातर कार्यक्रमों, खासकर ब्लड डोनेशन में मैं सहयोगी रहा हूं। उन्होंने अपने संबोधन में अनुशासन और सजगता पर विशेष जोर दिया । कहा कि जिस प्रकार से एक सैनिक सीमा पर सजग रह कर देश की रक्षा करता है, उसी तरह से टीबी जैसी बीमारी से लड़ने के लिए समाज में अनुशासन और निरंतर जागरूकता जरूरी है। संस्था प्रमुख डा अंजू सिंह ने ठाकुरबाड़ी के २५ वर्षों के कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संस्था की स्थापना २००१ मे हुई थी। अब तक मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन के अनगिनत काम कर चुकी है। डीएमसी के माध्यम से छह हजार से अधिक रोगियों को टीबी से मुक्त कराने में योगदान कर चुकी है। २०१८-१९ से अब तक यूपी और बिहार में अब तक २० हजार से अधिक मरीजों को पोषाहार बांट चुकी है। टीबी मुक्त हुए मरीजों में आत्मविश्वास जगाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बना चुकी है। इससे इतर भी हजारों किशोरियों और महिलाओं को ऐसे ही प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाने में अपनी भूमिका निभाई है। सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर संस्था ने बीते वर्ष जिले में सर्वाधिक रक्तदान कराने का रिकॉर्ड बनाया है। यूपी से लेकर बिहार तक हजारों की संख्या में पौधरोपण करा चुकी है। डिजिटल लिटरेसी पर भी लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। जिले भर की आशा और एएनएम की ट्रेनिंग करा चुकी है।
कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश रेडक्रास सोसायटी के कोषाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मुन्ना, सर्वोदय इंटर कालेज खुदौली के प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय, लाइफ टाइम अचीवर डॉ यमुना शंकर पांडे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ठाकुरबाड़ी द्वारा कराए गए रेडक्रास की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट मुख्य अतिथि द्वारा बांटा गया। सीएचसी बदलापुर की टीम ने टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया। विशेषज्ञों ने टीबी के लक्षण, उपचार तथा सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की।अंकिता सिंह ने गीतों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता की अलख जगाई। सुनील, सूर्यपाल और उनकी टीम के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में डॉ मुन्ना पांडे आदि मौजूद रहे।




