👉पं. रूपनारायण त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर कवि सम्मेलन आयोजित
जौनपुर। महाकवि पं. रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पुण्यतिथि पर रूप सेवा संस्थान एंव उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में जगतनारायण इंटर कालेज जगतगंज के परिसर में गीत रूप नमन एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में मानसवेत्ता डा. आरपी ओझा ने पं. रूपनारायण त्रिपाठी की कविताओं और श्रीरामचरित मानस के तुलनात्मक स्वरूपप र व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी डा. दिनेशचन्द्र ने अपने उद्बोधन में कहाकि यह जनपद अपनी साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला। कवि सम्मेलन का श्रीगणेश करते हुए विनम्रसेन सिंह ने तरूणाई पर डगमग मन, चंचल मधु छाया है। गीत का मौसम है वसंत ऋतु छाया है।। पंक्तियों से वातावरण वासन्ती बना दिया। ओज के कवि अतुल वाजपेयी ने-बलबुद्धि पराक्रम के सागर जिनके आयुध धनु सायक हैं। वह पुरूषोत्तम भारत गौरव श्रीराम हमारे नायक हैं।। जैसी कविताओं से राष्ट्रीय चेतना जागृत किया। देश के जाने माने गीतकार डा. बुद्धिनाथ मिश्र ने यादों के गजरे मुरझाये, आप न आये। गीत के माध्यम से विरहिणी की व्यथा का मार्मिक चित्रण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. राममोहन यादव, आगन्तुकों का अभिवादन लोकेश त्रिपाठी, संचालन डा. श्लेष गौतम तथा आभार ज्ञापन पं. रामकृष्ण त्रिपाठी ने किया।


