जौनपुर। 37वें ऑल इंडिया कांग्रेस ऑफ जूलॉजी के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय त्रिदिवसीय सम्मेलन (07, 08 एवं 09 अप्रैल 2026) का आयोजन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के प्राणि विज्ञान विभाग, जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया, पीएम उषा, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना तथा नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
सम्मेलन के प्रथम दिवस, 07 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित अवार्ड सेरेमनी में तिलक धारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के प्राणि विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. देवब्रत मिश्रा को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बोर्ड सदस्यों द्वारा डॉ. मिश्रा को मत्स्यिकी (Fisheries) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रतिष्ठित “प्रोफेसर बी. एन. पांडेय मेडल” प्रदान किया गया।
यह सम्मान मुख्य अतिथि पदम प्रोफेसर आरसी सोबती, कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला,चौधरी चरण सिंह विश्विद्यालय, मेरठ, प्रोफेसर निलिमा गुप्ता कुलपति डॉ हरि सिंह विश्वविद्यालय सागर,प्रोफेसर उमेश राय कुलपति जम्मू विश्वविद्यालय, निदेशक (शैक्षणिक) प्रोफेसर संजीव शर्मा, निदेशक (अनुसंधान) प्रोफेसर बीर पाल सिंह, सोसाइटी के अध्यक्ष प्रोफेसर बी. एन. पांडेय तथा कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर कमल जायसवाल द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. मिश्रा को यह पुरस्कार प्राणि विज्ञान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया। उनके अब तक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में 70 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें पर्यावरण एवं प्राणि विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
डॉ. मिश्रा द्वारा लिखित पुस्तकें भारत के विभिन्न राज्यों में पाठ्यक्रम के रूप में संचालित हैं। वे देश की एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सोसाइटियों के आजीवन सदस्य एवं फेलो हैं। उनके निर्देशन में अब तक पाँच शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त हो चुकी है।





