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JAUNPUR NEWS : रफ्तार ने ली तीन जिंदगियां, दो की हालत नाजुक

जौनपुर। दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो की हालत नाजुक है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बदलापुर थाना क्षेत्र के सरोखनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर सोमवार को ट्रेलर और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में मृतकों  की पहचान रामकरण गुर्जर निवासी जयपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है।

 हादसे में घायल इंद्र कुमार सुल्तानपुर जिले के जगदीशपुर का निवासी है, को गंभीर हालत में तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद लगभग तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 गौराबादशाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार मुफ्तीगंज क्षेत्र के रामपुर ग्राम सभा स्थित पित्तुपुर गांव में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब बारात से लौट रहे एक युवक की बाइक दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में युवक का जीजा भी गंभीर रूप से घायल है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पित्तुपुर निवासी मिठाई लाल गुप्त का 32 वर्षीय पुत्र जितेंद्र उर्फ कल्लू गुप्त अपने चाचा के लड़के विनोद गुप्त की बारात में दुधौड़ा गांव गया था। रविवार की रात करीब 12 बजे वह अपने जीजा संजय गुप्त (निवासी बरसठी) के साथ बाइक से वापस घर लौट रहा था। जैसे ही वे गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के खलसहा मोड़ के पास पहुंचे, बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे कटे हुए पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। 

सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल संजय को जिला अस्पताल से वाराणसी ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया है।

इस हृदय विदारक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। मृतक जितेंद्र पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके सिर से साया उठने के बाद तीन मासूम बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तीन वर्षीय सार्थक और दो वर्षीय खुशबू को तो यह भी नहीं पता कि उनके पिता अब कभी नहीं लौटेंगे। सबसे ज्यादा मर्मस्पर्शी स्थिति उस 21 दिन के दुधमुंहे बच्चे की है, जिसका अभी नामकरण तक नहीं हुआ था और पिता का साया हमेशा के लिए सिर से उठ गया। पत्नी सोनी और वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बारात की विदाई और खुशियों का माहौल था, वहां अब सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है। पिता मिठाई लाल गुप्त को बुढ़ापे की लाठी बनने वाले जवान बेटे की अर्थी को कांधा देना पड़ा, जिसे देख पूरे गांव का कलेजा फट गया।



 

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