बदलापुर, जौनपुर। बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर मानस हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। वहीं विमला हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया गया, जबकि निजी अस्पताल का संचालक अस्पताल बंद कर मौके से फरार हो गया।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। मानस हॉस्पिटल सील किए जाने के बाद वहां भर्ती तीन मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से अन्य अस्पतालों में सुरक्षित स्थानांतरित कराया गया, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जांच टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण यादव , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर के अधीक्षक डॉ. अरविंद पाण्डेय , डॉ. गोपेश कुमार सिंह तथा स्वास्थ्य विभाग के एचयू राकेश मौर्य शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों के पंजीकरण, दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच की गई। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में बिना मानक संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दर्जनों की संख्या में चल रहे है जिले में मानकविहीन और फर्जी अस्पताल
जिले के भंडारी स्टेशन रोड, नईगंज के अलावा शहर के कई इलाकों में मानकविहीन अस्पतालों की भरमार है। कई अस्पताल तो ऐसे है जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया था लेकिन अस्पताल संचालक जुगाड़ लगाकर फिर से उसका संचालन करने लगे है। गांव के भोले भाले मरीजो का मनमाना उपचार करके मोटी रकम वसूल लेते है। कई जगह तो कम्पाउंडर खुद इलाज करते है। स्वास्थ्य विभाग में पकड़ बनाके अपना काम धड्डले से करते है। सूत्रों की माने तो इनका विभाग में मजबूत पकड़ है इसलिए ऐसे लोगों को नजर अंदाज किया जाता है। इसके अलावा बेसमेंट में अस्पताल चल रहा है जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
