मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि यौमे कुद्स के दिन सभी लोगों को दुनिया में इंसानियत पर हो रहे ज़ुल्म, बर्बरियत के खिलाफ आवाज़ उठाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। मौलाना ने कहा कि आतंकवादियों का कोई मजहब नहीं होता। फिलिस्तीन, सीरिया, ईराक में जिस तरह से बेगुनाहों और मासूम बच्चों का कत्लेआम हो रहा है वह निंदनीय है। संयुक्त राष्ट्र को इस मामले में हस्तक्षेप कर ऐसे लोगो पर पाबंदी लगानी चाहिए। इस मौके पर मौलाना जफर हसन खान , मौलाना मोहम्मद मोहसिन, मौलाना सैयद सैफ आबदी ,मौलाना सैयद यासिर ,एडवोकेट अकबर हुसैन जैदी, हाजी गुलाम सकलेन करबलाई ,दिलशाद अली , एहतेशाम अब्बास , हुज्जत रजा , मोहम्मद जमाल ,एडवोकेट सैयद मोहम्मद इसरार , एडवोकेट अली रजा मिर्जा हुमायूं , एडवोकेट जैगम अहसन खान , एडवोकेट जगन इमरान ,एडवोकेट आरिफ अब्बास, एडवोकेट अरशद अब्बास,एडवोकेट काजी अहमद अब्बास, डॉ खान आजमी,नजमी जौनपुरी, खुमैनी आफाकी अजहर गुलाब आदि के साथ भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।