JAUNPUR NEWS शाहगंज क्षेत्र के सबरहद गांव निवासी पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या में शामिल शूटर के दूसरे साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साथी हत्याकांड के दौरान अपाचे बाइक चला रहा था। हत्या में प्रयुक्त बाइक भी बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए जमीन का धंधा करने वाले पारा कमाल गांव निवासी सिकन्दर आलम को साजिश कर्ता बताया गया। कहा गया कि दस लाख की सुपारी ली गई थी।
बताया जाता है कि पुलिस ने आजमगढ़ जनपद के जियनपुर थानांतर्गत खछउर खुर्द गांव निवासी 23 वर्षीय नीतीश राय पुत्र सतेन्द्र राय को कोतवाली क्षेत्र के मलमलवा पुलिया के समीप अपाचे बाइक के साथ शुक्रवार भोर में गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए बदमाश ने बताया कि सिकंदर आलम ने आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या हेतु दस लाख की सुपारी दिया था। पचास हजार एडवांस भुगतान हो चुका था। दो दिन रेकी करने के बाद पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मैं उस वक्त बाइक चला रहा था।
मालूम रहे 13 मई को सुबह साढ़े नौ बजे सबरहद गांव निवासी पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की इमरानगंज बाजार स्थित तिराहे पर हौसला बुलंद बदमाशों ने नाइन एमएम पिस्टल से छह गोलियां दाग हत्या कर दिया था। भाई संतोष श्रीवास्तव की तहरीर पर चार नामजद समेत पांच अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ। इस दौरान मंगलवार देर रात सरायख्वाजा थाना क्षेत्र अन्तर्गत नेवादा ईश्वरी सिंह निवासी अंतरप्रांतीय कुख्यात अपराधी प्रशांत सिंह उर्फ प्रिंस पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस और पकड़े गये नीतीश राय के मुताबिक पत्रकार कों गोली प्रिंस सिंह ने मारा था। कहा कि प्रिंस सिंह के मारे जाने की खबर के बाद उसके घर मिलने जाने के दौरान पकड़ा गया।
मामले में नामजद हिस्ट्रीशीटर जमीरुद्दीन कुरैशी मुम्बई से गिरफ्तार हों चुका है। एक अन्य मो हासिम दूसरे मामले में जेल में हैं। वहीं नामजद आरोपित मुम्बई का धनाढ्य नासिर जमाल और भाई अर्फी उर्फ कामरान फरार है। पांच अज्ञात में एक प्रिंस सिंह मारा जा चुका है। वहीं नीतीश राय पुलिस कब्जे में है। तीन अज्ञात अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं तहरीर देने वाले भाई संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि नामजद आरोपितों और भाजपा नेता को पुलिस बचाने का कार्य कर रही है।



