Jaunpur
ड्रग विभाग इन दिनों भ्रष्टïाचार की पराकाष्ठïा पार चुका है। आये दिन शिकायत मिलती है कि संबंधित विभाग द्वारा नियम कानून का भय दिखाकर मेडिकल संचालकों से मोटी रकम वसूली जाती है। सरकार की मंशा है कि भ्रष्टïाचार मुक्त विभाग और भयमुक्त समाज की स्थापना हो लेकिन इसके ठीक उलट भ्रष्टाचार की जड़े फैलती ही जा रही है। इसी तरह का एक मामला केराकत तहसील में देखने को मिला है।
केराकत तहसील के अधिवक्ता अनिल सोनकर ने औषधि निरीक्षक चंद्रेश द्विवेदी पर दवा विक्री दुकानों के जांच में अनियमत्ता के विरुद्ध करवाई न करने के नाम पर अवैध वसूली करने आरोप लगाया है। एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि आल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी और दवा केंद्रों पर अनियिमत्ता के विरुद्ध अथवा अवैध रूप से संचालित होने पर निरिक्षक द्वारा कार्रवाई के बजाय उनसे मोटी रकम वसूली कर उन्हें आश्रय दिया जा रहा है। शिकायत कर्ता का आरोप है यदि निरीक्षक के सम्पत्ति की जांच की जाय तो आय से अधिक संपत्ति जांच में पाई जाएगी।

