Jaunpur
इमामबाड़ा कल्लू मरहूम में अंजुमन तंजीमें अज़ाये हुसैन की ऑल इंडिया तरही शब्बेदारी रविवार की शाम को समाप्त हुई। इस शब्बेदारी में हिंदुस्तान की दर्जनों से ज्यादा मातमी अंजुमनों ने नौहा मातम कर कर्बला के शहीदों को नजरानए अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद शबीहे ताबूत अलम व जुल्जनाह निकाला गया जिसकी हमराह अंजुमन अब्बासिया फैजाबाद अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर माहौल को गमगीन कर दिया और नौहा सुनने वाले रोने लगे। सोजखानी गौहर अली जैदी व उनके हमनवा ने पढ़ी। पेशखानी शादाब जौनपुरी, एहतेशाम जौनपुरी, अब्बास काज़मी,हसरत जौनपुरी ने पेश किया। मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना सै. मोहम्मद आबिद फतेहपुरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में हजरत इमाम हुसैन (अ.स. ) व उनके 71 साथियों की शहादत पर लोग नजरानए अकीदत पेश करके उन्हें याद कर रहे हैं। आज जो इंसानियत व इस्लाम जिंदा है वो हजरत इमाम हुसैन व अहलेबैत की कुर्बानियों की देन है। मजलिस के बाद अंजुमनों ने मिसरे तरह पर तरही नौहे पेश किये जिसमें देश की मशहूर अंजुमन अकबरी अमरोहा,गुनचए अब्बासिया बाराबंकी,दस्ताए ज़ैनुल एबा रायबरेली,सज्जादिया कोपागंज मऊ,मासूमीया फैज़ाबाद,हैदरीया अबदुल्लापुर अकबरपुर,जाफ़रिया जलालपुर,अज़ाये हुसैन बनारस के अलावा मशहूर नौहेखवा मुदस्सिर खनवाई ने नौहा व मातम कर कर्बला के शहीदों को नज़राने अक़ीदत पेश किया। रविवार की शाम अलविदाई मजलिस मौलाना आबिद आगा नजफी ने पढ़ कर माहौल गमगीन कर दिया, जिसके बाद शबीहों को बरामद किया गया। संचालन अनीस जायसी व शोएब ज़ैदी व आभार अध्यक्ष शौकत अली मुन्ना अकेला व कंवीनर सकलैन अहमद खां, तहसीन शाहिद ने प्रकट किया। इस मौके पर सै. अहसन अब्बास नकवी, मोहम्मद अब्बास हैदर, अमन, नशफी खुशनूद, नजफी, सभासद शबी हैदर सदफ, सैयद शोएब जैदी, पूर्व अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैदर अब्बास चाँद, मोहम्मद राशीद आलमगंज, मोहम्मद इमरान शेख सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आए हुए तमाम अंजुमनों का मुतवल्ली सैय्यद आरिज जैदी ने शुक्रिया अदा किया।

