खुटहन। बदलते परिवेश में लंबी आयु का जीवन निरंतर घटता जा रहा है। परंतु नियम संयम और धर्म का पालन करने वाले पुराने लोग लंबी आयु का जीवन आज भी जी रहे हैं। पिलकिछा दौलतपुर गांव निवासी तथा मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत दुबे की दादी समाजसेविका सावित्री देवी इसका उदाहरण हैं। जिन्होंने जीवन के 100 बसंत देखने के बाद शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर कर दिया गया। मुखाग्नि इनके पौत्र ईशनारायण दूबे ने दिया।
सावित्री देवी एक धर्म परायण तथा नियम संयम के साथ रहने वाली महिला थी। वह हर सामाजिक कार्यों तथा सबके सुख दुख में हमेशा सामिल रहा करती थीं। इसी लिए गांव में वे छोटकी अम्मा के नाम से मशहूर थी। वह अपने पीछे दो पुत्र, पौत्र और प्रपौत्र सहित सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई ।

