महराजगंज (जौनपुर)। अमेरिका में एन आर आई ज्ञान प्रकाश उपाध्याय जौनपुर जनपद सीमा से सटे हुए प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी तहसील के करौदहा गांव निवासी है ।और कर्नाटक के कलबुर्गी में भारत गौरव पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपने पैतृक गांव जाते समय रविवार को विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दुगौली गांव में रोक कर स्वागत किया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री उपाध्याय ने कहा कि विहिप सेवा ,सुरक्षा और संस्कार के सिद्धांत पर काम करता है ।सेवा के सिद्धांत पर विश्व बंधुत्व की भावना होती है तथा दूसरा सुरक्षा है जिसमें हम लोग पूरे विश्व में सनातन के मानने वालो पर कही भी किसी देश में अत्याचार होता है तो हम लोग उनकी रक्षा के लिए कार्य करते है।हिंदू धर्म की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि हिन्दू धर्म की विशेषताएं कर्म का सिद्धांत ,पुनर्जन्म तथा कृतज्ञता है।धर्म का अर्थ कर्तव्य बोध है ।पूर्व में जब हमारे गुरुकुल चलते थे तो दो तरह का शिक्षा दी जाती थी जिसमें प्रथम परा विद्या है जिसमें धर्म का ज्ञान दिया जाता था तथा दूसरा अपराविद्या है जिसमें विज्ञान का ज्ञान दिया जाता था।हिंदू धर्म और वैदिक दर्शन पर उन्होंने चर्चा करते हुए बताया कि पूरी सृष्टि में केवल सनातन धर्म था शेष तो मजहब है मजहब का अर्थ होता है ऐसा समूह जो एक विचार धारा रखते हो और धर्म का अर्थ होता है जो आप धारण कर सके वह धर्म है।यहूदी लोगों का मजहब ढाई हजार वर्ष पुराना है ईसाई दो हजार वर्ष पुराना है इस्लाम पंद्रह सौ वर्ष पुराना है तथा सनातन हिन्दू धर्म पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि चार लाख बत्तीस हजार वर्ष का कलयुग है इससे दो गुना द्वापर और तीन गुना त्रेता तथा चार गुना सतयुग था।71 महायुगों का एक मन्वंतर होता है चार अरब बत्तीस करोड़ वर्ष का एक कल्प होता है। इस प्रकार तिरालीस लाख बीस हजार वर्ष का एक मन्वंतर होता है।इस प्रकार सनातन को गिनती की सीमा में नहीं बांधा जा सकता है।उन्होंने बताया कि हमारा विज्ञान उस समय का आज के विज्ञान से बहुत आगे था किंतु महाभारत के विश्व युद्ध के बाद युद्ध के दुष्प्रभाव से पूरा विश्व प्रभावित हुआ ।अमेरिका जैसे देश में सनातन के प्रचार प्रसार में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है।हम लोग तो चर्च में बैठकर भी भजन कीर्तन करते है।किंतु बड़ा गर्व महसूस होता है जब हम सनातन धर्म की चर्चा करते है।आज जरूरत इस बात की है कि वेदों को पढ़ाया जाय जिससे हम धर्म के विषय में पूरी जानकारी ला सके।इसमें कृष्ण चंद तिवारी विनोद पांडेय शुभम पांडेय लालमणि पांडेय नवीन मिश्रा आदि लोग रहे।
