जौनपुर। सिंगरामऊ रियासत के राजा हरपाल सिंह के पुत्र स्वर्गीय श्रीपाल सिंह जी के 17वीं पुण्यतिथि पर गौरीशंकर मंदिर सिंगरामऊ में वस्त्र वितरण एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उनकी पौत्र वधू श्रीमती डॉक्टर अंजु सिंह एवं अतिथि के रूप में पधारे महेंद्र शुक्ला शास्त्री जी के द्वारा के दीप प्रज्वलन तथा राजर्षि साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर श्री महेंद्र शुक्ला शास्त्री जी ने बताया की राजा साहब न केवल राजनेता थे बल्कि एक श्रेष्ठ साहित्यकार पत्रकार संपादक और शिक्षा शास्त्री भी थे। उनकी शिक्षा के प्रचार प्रचार तथा शैक्षिक संस्थानों का निर्माण उनकी समाज के प्रति जागरूकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण झलकता है।
वह कभी लोकप्रियता के पीछे नहीं भेज भेज भेज भागम भागे उन्होंने नीति को लोकहित से जोड़ा और समाज को शिक्षित संगठित एवं जागरूक करने में आजीवन लगे रहे। उन्होंने स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को गढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राजा साहब के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए ठाकुरबारी महिला विकास कल्याण समिति की संस्थापिका एवं उनकी पत्रावधि डॉक्टर अंजु सिंह ने कहा कि उनका जन्म 29 जुलाई 1918 को हुआ एवं उनका राज्याभिषेक 1939 में हुआ था। उन्होंने कहा कि बाबा हजूर ने हमेशा गरीब किसान मजदूर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और वह स्वयं भी उन्हीं की आदतों पर चलते हुए जनता की सेवा में समर्पित है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके परिवार और संस्था भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक कार्य जारी रखेंगे।
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। संस्था के द्वारा जरूरतमंद लोगों को 200 से अधिक नए कंबल और विभिन्न प्रकार के वस्त्र वितरित किए गए। इस पहल से ठंड के इस मौसम में कई गरीब परिवारों को राहत मिली स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक प्रेरणादाई कदम और सच्ची श्रद्धांजलि बताया।




