जौनपुर। जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि पूर्व गोरक्ष पीठाधीश्वर गोरखपुर ब्रह्मलीन राष्ट्रीय संत महंत अवैद्यनाथ जी के द्वारा सामाजिक क्षेत्र में धर्मांतरण एवं लव जिहाद को रोकने का विषय रहा हो या फिर जातिगत विचारधारा के विपरीत सामाजिक समरसता के आधार पर सनातन संस्कृति की स्थापना करना धार्मिक क्षेत्र में महाराज जी के द्वारा अयोध्या में रामलला की स्थापना एवं राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में जो भूमिका रही है। उन्हें शब्दों के रूप में व्यक्त कर" पाना बहुत कठिन होगा ब्रह्मलीन महाराज जी ने सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र के अलावा मानव सेवा के क्षेत्र में भी साधारण कार्यों को संपन्न करने में विशेष भूमिका निभाई है जिसमें गरीब बच्चों की शिक्षा हेतु स्कूल कॉलेज तथा विश्वविद्यालय की स्थापना तथा रोगियों के लिए अस्पतालों की स्थापना तथा कई अन्य प्रकार की मानव तथा अन्य सेवा में अपना योगदान दिया है। अतः भारत सरकार से विश्व हिंदू महासंघ भारत द्वारा यह मांग की जाती है कि ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ महाराज" को निस्वार्थ एवं सामाजिक समर्पण भाव को देखते हुए उन्हें भारत रत्न की उपाधि से सुशोभित किया जाए।
ज्ञापन प्रस्तुत करने वालों में केशव कुमार सिंह मण्डल अध्यक्ष वाराणसी, दीपक सिंह जिलाध्यक्ष, आलोक कुमार सिंह, सुधीर कुमार सिंह, स्वतंत्र कुमार पाण्डेय, राजेश कुमार शुक्ला, बृजलाल एडवोकेट (तहसील अध्यक्ष), विशाल सिंह केराकत, सत्यम् सिंह उर्फ अंकित सिंह, धर्मेन्द्र सिंह प्रमोद कुमार सिह, बंटी सिंह, आनन्द सिंह अध्या सिह, राजेश शुक्ला, रेखा सिंह, जिला अध्यक्ष मातृशक्ति राम अभय सिंह जिला महामंत्री आदि सैकडो लोग मौजूद रहें।


