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| पीड़ित किशन सिंह |
सिकरारा, जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र में मिर्जापुर के एक युवक को जेसीबी मशीन सस्ते में दिलाने का झांसा देकर न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि असलहे के बल पर करीब 5 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया गया। इस दुस्साहसिक वारदात में पीड़ित को रात भर बंधक बनाकर रखा गया और विरोध करने पर फायरिंग भी की गई। आज गुरुवार को पुलिस ने पीड़ित का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पकड़ी में मेडिकल परीक्षण कराया गया।
विश्वास की आड़ में रची गई खौफनाक साजिश
मिली जानकारी के मुताबिक मिर्जापुर जिले के कोतवाली देहात थानांतर्गत ग्राम लप्सी निवासी किशन सिंह (पुत्र यशनारायण सिंह) को एक जेसीबी मशीन की जरूरत थी। उनके पुराने परिचित अरुण श्रीवास्तव (निवासी पांडेयपुर, वाराणसी) ने उन्हें झांसा दिया कि जौनपुर में उनके कुछ खास लोग हैं जो उन्हें अच्छी मशीन दिलवा देंगे।
22 मार्च 2026 को किशन सिंह अपने साथी गोबिंद सिंह के साथ मोटरसाइकिल से जौनपुर पहुंचे। वहां उन्हें नौपेड़वा पेट्रोल पंप पर बुलाया गया और फिर मशीन दिखाने के बहाने रीठी के पास खपरहा सोनपुरा गांव के घने जंगलों में ले जाया गया।
जैसे ही पीड़ित जंगल में पहुंचे, वहां पहले से मौजूद 7 से 8 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। पीड़ित के अनुसार बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर पहले 2 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। दहशत फैलाकर बदमाशों ने पीड़ित के रिश्तेदारों से 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। इसके बाद 2 लाख रुपये का चेक (संख्या: 839135, एसबीआई जौनपुर) के माध्यम से कुल 5 लाख की लूट को अंजाम दिया।जब किशन सिंह ने भागने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
ट्यूबवेल पर बंधक और रिहाई
अपराधी पीड़ित को मरणासन्न हालत में जितेंद्र यादव नाम के व्यक्ति के खेत पर बने ट्यूबवेल पर ले गए और वहां रात भर बंधक बनाकर रखा। अगले दिन 23 मार्च की शाम करीब 6:00 बजे उन्हें मड़ियाहूं के पास ले जाकर लावारिस छोड़ दिया गया। पीड़ित किसी तरह अपने घर मिर्जापुर पहुंचे और इलाज के बाद आज सिकरारा थाने में तहरीर दी।
PHC पकड़ी में मेडिकल और आरोपियों की पहचान
शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और आज पीड़ित को PHC पकड़ी ले जाकर उनका विधिवत मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों ने शरीर पर मौजूद गंभीर चोटों के निशान दर्ज किए हैं, जो मुकदमे में अहम सबूत बनेंगे।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जेसीबी के नाम पर इस तरह का संगठित अपराध पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से पैसे का लेनदेन हुआ।



