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JAUNPUR NEWS लोक संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजें युवा : प्रो. मनोज मिश्र

👉मोहम्मद हसन पीजी कालेज में एनएसएस शिविर का हुआ समापन 

जौनपुर, 24 मार्च। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कीर्ति चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. राहुल सिंह एवं विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. अजीत प्रताप सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को भव्यता दी। 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा अपने स्वागत भाषण में सेवा-भाव, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

 इस अवसर पर स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं लोकगीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें लोक धरोहर को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प झलकता रहा। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मनोज मिश्र ने कहा कि लोक संस्कृति एवं  परंपराएँ हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की आधारशिला हैं और उनका संरक्षण युवाओं की सक्रिय सहभागिता तथा व्यवहारिक जीवन में अपनाने से ही संभव है।  आज युवा वर्ग पर लोक संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने की जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने युवाओं को राष्ट्र सेवा, अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना से प्रेरित करते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. राहुल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने का सशक्त माध्यम है, साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा भाव पहुँचाने का आह्वान किया।

  विशिष्ट अतिथि डॉ. अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा भी देती है, इसलिए विद्यार्थियों को सेवा, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवन में अपनाना चाहिए। समापन सत्र में अतिथियों द्वारा विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा, सेवा-भाव, सामाजिक जागरूकता एवं लोक परंपराओं के संरक्षण को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र पाठक, अब्दुल हक अंसारी, डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. अमित जायसवाल, डॉ. विवेक विक्रम सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सतीश दुबे, डॉ. राखी सिंह, प्रवीण यादव, तकरीम फात्मा, उमरा खान,आदिति मिश्रा,डॉ अनुराग यादव,अंकित यादव, राज पाठक, राजन पांडेय, अल्तमस, जाकिर, आदिल, सुजीत सहित महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन सुमित सिंह ने किया।

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