जौनपुर। डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं आर्यभट्ट जयंती के अवसर पर आर.एन. टैगोर सी. से. स्कूल, सुक्खीपुर, बोदकरपुर, जौनपुर में हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस मौके पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा आर्यभट्ट की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत भाषणों से हुई, जिसमें छात्रों ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान के साथ-साथ महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में विस्तार से बताया।
स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें कविता, भाषण और नाटक के माध्यम से सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व को समझाया गया। इन प्रस्तुतियों में डॉ. अंबेडकर के विचारों के साथ-साथ आर्यभट्ट के ज्ञान, विज्ञान और खोजों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया।
विद्यालय के संस्थापक डॉ. पी. के. सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं आर्यभट्ट को याद करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि सुशिक्षा के द्वारा समाज को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डॉ. अंबेडकर ने समाज में समानता का संदेश दिया और आर्यभट्ट ने विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की, उसी प्रकार हम सभी को उनके आदर्शों को अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
अंत में विद्यालय की संस्थापिका डॉ. शीला सिंह ने सभी छात्रों को डॉ. अंबेडकर एवं आर्यभट्ट के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा के महत्व को समझने और एक समतामूलक एवं ज्ञान-आधारित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया।





