👉कांग्रेस ने दी चेतावनी, कार्रवाई हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से होगा विरोध
जौनपुर। शिक्षा के पवित्र मंदिर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने का फैसला बेहद निंदनीय है। यदि सरकार को किसी व्यक्ति विशेष से राजनीतिक विरोध है तो उसका सामना कानून के दायरे में करे, लेकिन हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ न करे।
यह बातें अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शहर के पूर्व विधायक नदीम जावेद ने शुक्रवार को मीडिया से दूरभाष पर बातचीत में कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक द्वेष के तहत विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि जिस समय वर्ष 2005 में विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी, तब संबंधित क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल नहीं था। ऐसे में करीब दो दशक पुराने भवनों पर नक्शा स्वीकृत न होने का आधार बनाकर कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता।
नदीम जावेद ने कहा कि यदि सरकार को किसी व्यक्ति विशेष से आपत्ति है तो उसके लिए कानूनी रास्ते मौजूद हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और सैकड़ों शिक्षकों व कर्मचारियों की आजीविका पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय का अधिग्रहण कर उसका संचालन स्वयं करे, लेकिन शिक्षण संस्थान को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान हटाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, जबकि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय दूसरे मुद्दों पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई की गई तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से इसका पुरजोर विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी करेगी।
