जौनपुर। जनपद के वर्तमान आईपीएस अधिकारी की एक फोटो इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। प्राप्त समाचारों के अनुसार आईपीएस अधिकारी डॉक्टर,यशवीर सिंह की फोटो 211/25 थाना शहर कोतवाली के बलात्कार में विचाराधीन अभियुक्त के साथ सोशल मीडिया पर वायरल होने से जनपद में यह चर्चा बनी हुई है की क्या किसी बलात्कार के अभियुक्त के संबंध पुलिस अधीक्षक के साथ इतने मधुर और मजबूत हो सकते हैं कि पुलिस अधिकारी के कार्यालय के अंदर अपराधी जाकर उनके साथ अपनी सेल्फी लेने के बाद उसे अपने सोशल मीडिया पेज पर धौंस बनाने के लिए लगा दे।
अगर गंभीर धाराओं में विचाराधीन किसी अपराधी के साथ पुलिस अधीक्षक की फोटो वायरल हो रही हो तो तरह-तरह के प्रश्न उठने लगते हैं।कहने वाले यह भी कहते हैं कि ऐसे ही कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी के साथ अपनी फोटो नहीं लगा सकता है।और ना ही पुलिस अधिकारी साधारण व्यक्ति के साथ फोटो खींचा लेते है।
यह फोटो इसलिए भी चर्चा का विषय बन रही है क्योंकि पुलिस अधीक्षक की फोटो जिस व्यक्ति के साथ वायरल हो रही है वह व्यक्ति सिर्फ एक ही नहीं कई गंभीर धाराओं में लंबित मुकदमों में अभियुक्त भी है।अपने फेसबुक पेज पर प्रोफाइल में फोटो लगाकर जनपद में वसूली तेज करने के फ़िराक में भी हो सकता है।
लोगों का कहना यह भी है कि इस तरह की फोटो सोशल मीडिया पर डालकर लोग यह भी प्रमाणित करते हैं कि पुलिस अधीक्षक से हमारे अच्छे संबंध हैं। पुलिस विभाग का कोई भी कार्य हमारे एक इशारे पर हो जाता है और उस कार्य को करवाने के बदले में एक मोटी रकम की भी वसूली की जाती है।
पुलिस अधीक्षक जौनपुर की फोटो जिस कथित व्यक्ति के साथ वायरल हो रही है प्राप्त समाचारों के अनुसार उस व्यक्ति के ऊपर जनपद के अंदर और बहराइच सुल्तानपुर लखनऊ वाराणसी आदि तमाम जिलों में कथित तौर से धनउगाही के कई आरोप है।
इसी धनवाही के सिलसिले में कथित व्यक्ति का खाता संख्या 40065594**** विगत कुछ महीने पहले ही सक्षम अधिकारी और पीड़ित व्यक्ति द्वारा द्वारा बहराइच से होल्ड करा दिया गया था।
बहराइच जनपद में भी इसी तरह से बड़े लोगों के साथ अपनी फोटो दिखाकर धन उगाही का आरोप है जिस कार्य के लिए मोटा धान लिया गया था वह कार्य न हो पाने की स्थिति में पीड़ित ने प्रार्थना पत्र देकर जिस खाते में उसने पैसा डाला था उस खाते को होल्ड कर दिया गया था।
समाचार लिखे जाने तक यह नहीं स्पष्ट हो पाया है कि वायरल हो रही फोटो के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक और पुलिस विभाग को जानकारी है या नहीं।
और यदि पुलिस विभाग को यह जानकारी है कि उनके आला अधिकारी की फोटो कथित तौर से धन उगाही के लिए उपयोग की जा सकती है तो पुलिस विभाग किस दबाव में पुलिस अधीक्षक के साथ फोटो उपयोग करने वाले व्यक्तियों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।
जो लोग इस तरह की फोटो सोशल मीडिया पर डालकर कथित रूप से धन उगाही का कार्य करते हैं और समाज में धौंस बनाने का काम करते हैं ऐसे लोगों से समाज के लोगों को सजग रहने की जरूरत है किसी के साथ सिर्फ फोटो होने से इस बात की गारंटी नहीं होती है कि उस व्यक्ति द्वारा आपका कोई फंसा हुआ कार्य कर दिया जाएगा और किसी आला अधिकारी के साथ किसी की फोटो होने से इस बात की भी गारंटी नहीं होती है की जो पैसा आपसे मांगा जा रहा है वह पैसा आला अधिकारी ने मांगा हुआ है।क्योंकि समाज के अंदर आज कल यह एक प्रचलन सा चल चुका है कि बड़े नेता आला अधिकारी विशिष्ट सामाजिक व्यक्ति के साथ अपराधिक प्रवृत्ति के लोग फोटो का लाभ उठाने के लिए उनके साथ अपनी फोटो ऐसे स्थान पर खींच लेते हैं जहां की फोटो दिखाने के बाद भोली भाली जनता साधारण रूप से यह मान ले की अधिकारी नेता और विशिष्ट लोगों से उस व्यक्ति के संबंध हैं जिस व्यक्ति के साथ बड़े लोगों के फोटो फ्रेम है।
समाचार लिखे जाने तक मीडिया के पास दर्ज मुकदमे की कॉपी,सोशल मीडिया का फेसबुक लिंक, अकाउंट की डिटेल, लंबित मुकदमों के कोर्ट के जरूरी दस्तावेज, पुलिस अधीक्षक जौनपुर और वायरल व्यक्ति की फोटो प्राप्त किया जा चुका हैं।
