जौनपुर। संभागीय परिवहन कार्यालय जौनपुर में तैनात वरिष्ठ सहायक गणेश दत्त मिश्रा के निलंबन से संबंधित प्रकरण में अब उच्चस्तरीय स्तर पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ की ओर से निलंबन की कार्रवाई को लेकर उठाए गए विभिन्न बिंदुओं के संबंध में कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जांच आख्या मांगी है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार सिंह द्वारा 24 अगस्त 2026 को अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन), उत्तर प्रदेश को भेजे गए पत्र में निलंबन की प्रक्रिया तथा जांच से जुड़े कुछ तथ्यों पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। पत्र में कहा गया कि उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी एवं संभागीय परिवहन अधिकारी वाराणसी की संयुक्त जांच आख्या के आधार पर कार्रवाई की गई, जबकि संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलने को लेकर संघ ने सवाल उठाए हैं।
संघ ने पांच वाहनों से संबंधित प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार दो वाहनों के लिए 18 अगस्त तथा तीन वाहनों के लिए 19 अगस्त 2026 को लखनऊ में बॉडी निर्माण के लिए जौनपुर से अस्थायी पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी किए गए थे। वाहनों के भौतिक निरीक्षण तथा चेसिस से संबंधित प्रक्रिया को लेकर भी संघ ने नियमों और परिस्थितियों के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की है।
शिकायत में कर्मचारी की 19 अगस्त को लखनऊ में शासकीय कार्य से मौजूदगी तथा अगले दिन प्रयागराज जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा वाहन स्वामी द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्र से संबंधित ई-स्टाम्प 21 अगस्त को शाम 5:02 बजे खरीदे जाने की बात कही गई है।
मामले में कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), वाराणसी को कर्मचारी संघ द्वारा उठाए गए बिंदुओं और उपलब्ध तथ्यों की गहन जांच कर साक्ष्यों सहित सात कार्यदिवस के भीतर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
अब आगे की स्थिति जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। विभागीय जांच पूरी होने तक प्रकरण से जुड़े आरोपों और आपत्तियों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
