Jaunpur
मुंबई से गांव आए युवक के अपहरण मामले में केराकत कोतवाली पुलिस ने सिपाही समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस घटना में सिपाही की संलिप्तता से पुलिस विभाग की छवि को गहरा धक्का पहुंचा है।
पसेवां गांव निवासी पंकज कुमार सरोज गुरुवार सुबह मुंबई से अपने गांव आए थे। शाम को वह जलालपुर थाना क्षेत्र के प्रधानपुर गांव स्थित अपनी बहन के घर गए थे। रात करीब 9 बजे जब वह लौट रहे थे, तो घर से कुछ पहले अपने मित्र अमित के घर रुक गए। तभी सफेद कार से आए तीन लोग उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। पंकज के परिजनों ने तुरंत थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। कुछ समय बाद पंकज ने घर पर फोन कर बताया कि अपहरणकर्ता उन्हें देवकली ले जा रहे हैं और 20,000 रुपये फिरौती की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक के फोन की लोकेशन ट्रेस करनी शुरू की। आरोपियों के बार-बार लोकेशन बदलने के बावजूद पुलिस ने मुस्तैदी से कार्रवाई की। तड़के 3 बजे पुलिस ने अपहृत युवक पंकज को सुरक्षित बचा लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में थानागद्दी चौकी में तैनात सिपाही अभिषेक तिवारी, खर्गसेनपुर निवासी विवेक सिंह और टंडवा गांव निवासी रजनीश चौबे शामिल हैं। तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया और घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया। इस घटना से पुलिस विभाग की छवि को गहरा धक्का पहुंचा है। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले पुलिसकर्मी की इस तरह की हरकत से विभाग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
