जौनपुर। पुलिस के उच्चाधिकारियों के आदेश के सामने थानेदार की एक भी नहीं चली मनमानी। पीड़ित की आवाज़ को अथक प्रयास के बाद भी नहीं दबा पाया रूतबा पैसा और समर्थकों का हुजूम,तीसरे दिन ही सही पीड़ित के जख्मों पर मरहम लगा मुकदमा दर्ज हो जाने की सूरत में।
सूत्रों द्वारा मामला कुछ इस तरह बताया जा रहा है कि जफराबाद थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जिसको दफन करने के लिए कब्र खोदने की बात को लेकर कुछ लोगों में बहस चल रही थी। तभी क्षेत्र के शेख वाड़ा मोहल्ला निवासी शाह शब्बीर हुसैन उर्फ बबलू पुत्र स्वर्गीय शाह महमूद आलम भी मौके पर पहुंच गए।जो विवाद को लेकर थाने पर दिये गये अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि दिनांक 25 02 26 बुधवार लगभग शाम 5:00 बजे मखदूमपुर गांव स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कब्र खोदने की बात को लेकर विवाद था। इसी दौरान मौके पर डॉक्टर सरफराज खान पुत्र गयासुद्दीन खान, रिजवान खान पुत्र मुस्ताक खान, तारिक खान उर्फ बाबू पुत्र राजू खान उपस्थित थे। तभी मैं भी मौके पर पहुंच गया। डॉक्टर सरफराज खान ने कहा कि कब्र जेसीबी मशीन से खोदी जाएगी। जब मैंने इस बात का विरोध किया तो डॉक्टर सरफराज खान व उनके साथ उपस्थित लोगों द्वारा मेरे साथ मारपीट व गाली गलौज वह जान से मारने की धमकी दी गई।लेकिन पीड़ित की माने तो थानेदार द्वारा उसका मोकदमा दर्ज नहीं किया गया। उल्टा उसे ही चेयर प्रतिनिधि डॉक्टर सरफराज द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने पीड़ित समेत उसके भतीजे तथा मोहल्ले के तीन व्यक्तियों के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे और उसके एक पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया गया और पीड़ित द्वारा दिए गए प्रार्थना की अनदेखी करते हुए खानापूर्ति के लिए दूसरे पक्ष से एक व्यक्ति को थाने पर बैठा कर शांति भंग में निरूद्ध किया गया। जब इस बात की जानकारी पीड़ित के बड़े भाई शाह नेयाज़ अहमद सभासद को हुई तो वह दूसरे दिन प्रार्थना पत्र लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के न मिलने पर क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई और पुलिस की एक तरफा की गई करवाई की जानकारी शाह नेयाज़ अहमद ने समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के सामने अपनी बातों को रखा तो मीडिया ने थानेदार द्वारा की गई नाइंसाफी वाली खबर को प्रमुखता से समाज के सामने रखा और सोशल मीडिया पर भी यह खबर खूब वायरल हुई। इसका नतीजा यह रहा की जब पुलिस के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया तब कहीं जाकर शुक्रवार को पीड़ित द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर थानेदार को मजबूर हो कर डॉक्टर सरफराज चेयरमैन प्रतिनिधि और उनके दो समर्थकों के विरुद्ध बीएनएस की तीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा जिसकी आम लोगों में थानेदार की कार्य शैली की किरकिरी के साथ काफी चर्चा हो रही है। तीसरे दिन मुकदमा दर्ज करने के संबंध में थानाध्यक्ष श्री प्रकाश शुक्ला से दूरभाष पर संपर्क कर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मेरे ही आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।


