जौनपुर। गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध के तहत गौ माता की रक्षा के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने वाराणसी से लखनऊ की धर्म यात्रा की शुरुआत आज प्रारंभ कर दिया है। जौनपुर की धरती पर पहुंचते ही सर्व प्रथम शंकराचार्य जी ने जमैथा गांव स्थित यमदग्नि ऋषि की तपोभूमि पर पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया।
उसके बाद सीहीपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने बने स्वागत पंडाल में पहुंचे।वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बाद शंकराचार्य जी ने मीडिया के सवालों का जबाब दिया। शुक्रवार को वाराणसी आए बाबा बागेश्वर धाम लेकिन शंकराचार्य जी से नही मिले थे।इस पर शंकराचार्य जी ने कहा कि बागेश्वर धाम बाबा आये थे लेकिन मुझसे नही मिले,उन्होंने मीडिया में बयान दिया कि हमे कोई निमंत्रण नही मिला,शंकराचार्य जी ने यहां तक कह दिया कि यहां कोई मेरी बेटी की शादी तो है नही जो मैं कोई निमंत्रण दूं,अब मैं भी मीडिया के माध्यम से संदेश भेज रहा हूँ कि वह सभी लोग साथ आये जो गौ माता के साथ है जो गौ माता के हित की बात करे।
वही उन्होंने कहा कि भाजपा की ऐसी मान्यता हो गई है कि जो उनकी बात को मानेगा वही हिंदू होगा। वरना हिंदू धर्म के बाहर हो जाएगा लेकिन हमारा मानना है कि पार्टियों आती रहती है और जाती रहती हैं जो हिन्दू है वह अपने सिद्धांत पर कायम रहेगा। प्रयागराज में हमारे शिष्य के साथ जो घटना हुई है उसमें अगर पुलिस दोषी होती तो उसके ऊपर के अधिकारियों के द्वारा उन पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अगर हम राजनीतिक होते तो हम अपनी एक पार्टी बनाते हैं और लोगों से वोट मांगते. लेकिन आज तक हमने कभी किसी से अपने लिए वोट नहीं मांगा है। हम सभी पार्टियों से कहना चाहते हैं जो गाय का होगा हम उसको वोट देंगे।
वही उन्होंने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गौ हत्यारो से चंदा लेकर अपनी राजनीति चमका रही है अगर सरकार हमारे कहने पर गौ हत्या बंद कर देगी तो उसको चंदा मिलना बंद हो जाएगा। यही वजह है कि सरकार हमसे डर रही है. अगर सरकार मेरी बात को मान लेती है तो हम यहीं से जयकारा लगाकर यह यात्रा समाप्त कर देंगे। अभी तक हमारे साथ जितने संत आएंगे वह आगे चलकर पता चल जाएगा।
शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गिरते हुए कहा कि अगर वह संत है तो कोई भी संत राजा नहीं बनता है।
हमारे धर्म में शंकराचार्य चार है जो सर्वोच्च शंकराचार्य हैं उन्होंने मुझे शंकराचार्य घोषित किया है एक पीठ में शंकराचार्य हमें है बाकी पीठ में रहें. जब बाकी तीन शंकराचार्य ने मुझे शंकराचार्य घोषित कर दिया तो किसी की क्या औकात है. क्या किसी मुख्यमंत्री को यह अधिकार है कि वह शंकराचार्य बनाए या बिगाड़े जो शंकराचार्य बनता है वही बिगाड़ने का अधिकार रखता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि लोग राज छोड़कर सन्यासी बनते है,जो भी राजा राजपाठ छोड़कर सन्यासी बने थे उनको लोगो ने खूब आदर दिया लेकिन अगर कोई सन्यासी राज काज में वापस जाता है या सांसारिक जीवन मे वापस जाता है तो अपने समाज मे उसका सम्मान नही होता है। योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए कहा कि जब तुम योगी बन गए थे, जब अपने माँ बाप को छोड़ दिया था,घर छोड़ दिया था तो फिर सांसारिक होकर क्यो गए,आखिर क्यों मुख्यमंत्री होकर वेतन भोगी बने।
शंकराचार्य जी ने कहा कि अगर आज हम यह प्रश्न नही उठाएंगे तो आने वाली पीढियां और उनके बच्चे सन्यासी भी बन जाएंगे तथा नौकरी भी कर लेंगे,पैसा भी कमाएंगे और साथ ही अपने आप को सन्यासी भी कहेंगे।ऐसे तो सन्यास धर्म कलंकित हो जाएगा इसलिए जरूरी है कि घर छोड़कर वीरक्त हुए हो तो वीरक्त होकर जीवन जिओ।शंकराचार्य जी प्रहार करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री पद पर रहना है तो योगी का वस्त्र उतार दे।


