जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि आज देश के लाखों युवा हिंदी समाचार पत्रों को पढ़कर उनसे ज्ञान अर्जित करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। उन्होंने आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर भी चिंता व्यक्त की। श्री क्षेम ने कहाकि आज उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं पर संज्ञान लेकर कार्यवाही भी रहा है। ऐसे में पत्रकारों को सजग होकर कलम चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामश्रृंगार शुक्ल गदेला ने कहाकि दो सौ वर्षाें पूर्व पं. जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक पत्र प्रकाशित करके हिंदी पत्रकारिता की नींव डाली थी। उस समय देश गुलामी की बेडियों में जकड़ा हुआ था। बाद में गणेशशंकर विद्यार्थी ने प्रताप समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ किया। पत्रकार लोलारख दूबे ने कहाकि इलेक्ट्रानिक मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। छात्रों और नौजवानों के समाचार पत्रों से राजनीति, उद्योग, कला साहित्य आदि क्षेत्रों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उक्त अवसर पर डा. भारतेन्दु मिश्र, प्रदीप सिंह सफायर, पं. रामदयाल द्विवेदी, राजेश मौर्य, विनोद विश्वकर्मा, अखिलेश तिवारी अकेला, जेपी मौर्य, सुधीर सिंह, जुल्पिफकार हुसैन बाबू, चन्द्रप्रकाश शुक्ल, पंकज, गौरव, शशिशेखर सिंह, राजेश मिश्र, बेहोश जौनपुरी, बुद्धिनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन डा. मधुकर तिवारी ने किया।
