👉डेढ़ महीने के अंदर तीन बच्चियों की लुट गई आबरू
जौनपुर। महज डेढ़ महीने के अंदर दरिंदो ने योगी-मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के दावे के साथ दुष्कर्म कर डाला। 45 दिन के भीतर जिले में ताबड़तोड़ तीन नाबालिक बच्चियों के साथ हुईं दुष्कर्म की घटनाओं ने जनपदवासियों के मन को अंदर तक झकझोर कर रख दिया हैं।
प्रश्नचिन्ह कानून व्यवस्था पर हैं, प्रश्नचिन्ह पुलीसिया हनक पर हैं, प्रश्नचिन्ह समाजिक व्यवस्था पर है, प्रश्नचिन्ह विश्वास शब्द पर हैं?
आश्चर्यजनक रूप से एक ओर जफराबाद थाना क्षेत्र के कच गाँव में करीब चार वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया, तो दूसरी ओर एलकेजी की छात्रा के साथ यौन शोषण की घटना ने भी गंभीर चिंता पैदा कर दी। दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई सामने आई है और दो मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। अभी उपरोक्त मामलो में पूरी तरह कार्यवाही नहीं हों पायी थीं कि पवारा थाना क्षेत्र में घर में माँ के साथ सो रही सात वर्षीय बच्ची को पड़ोसी उठा ले गया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
जिले में तीन मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना होने के बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जघन्य अपराध दुष्कर्म की घटनाएं एक तरफ जहां पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं वही पुलिसिया हनक को भी सवालों के घेरे में करती है। कहावत है समय रहते घाव का इलाज ना हों तो मरीज का पाव भी काटना पड़ता हैं कभी कभी जान भी जा सकती हैंl
पड़ोसी, स्कूल बस का कंडक्टर जैसे अपनों के द्वारा ही दिए गए इस आघात से ये बच्चियां कभी उबर पाएंगी की नहीं, ये किसी को नहीं पता लेकिन इसके चलते सामाजिक विश्वास को जो गहरी चोट लगी हैं, उसे भर पाना असम्भव हैं।
वहीं इस विश्वास का भरोसा दिलाने वाली मिशन शक्ति का राग अलापने वाली पुलिस धरातल पर एक दम शक्तिहीन है जिसके चलते आज हर बच्ची के माता पिता मुख्यमंत्री से बेटी को पढ़ाने के बजाय बेटी को बचाने की गुहार लगा रहे है।
