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JAUNPUR NEWS : विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर शिक्षकों ने किया विशाल धरना प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

जौनपुर। अशासकीय माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु प्रस्तुत ज्ञापन।  आपके नेतृत्व में कार्यरत प्रदेश सरकार में शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु कोई सार्थक और सकारात्मक प्रयास न होने से माध्यमिक शिक्षकों में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। विभागीय भ्रष्टाचार में लगातार बढ़ोतरी तथा शिक्षकों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण के कारण शिक्षकों का सरकार के प्रति मोह भंग होता जा रहा है। 

 इधर शिक्षकों की हजारों की संख्या में निदेशालय में लंबित ऑफलाइन स्थानांतरण की फाइलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा वर्षों से कार्यरत सदस्य शिक्षकों की सेवाएं विभाग की है धर्मिता के कारण खतरे में पड़ गई है। शिक्षकों के भविष्य और सेवा के प्रति निर्मम दृष्टिकोण से प्रदेश का शिक्षक अत्यंत दुखी और आक्रोशित है। अतएव माध्यमिक शिक्षकों के निम्नलिखित समस्याओं की ‌ ओर आपका ध्यान व्यक्तिगत रूप से आकृष्ट करते हुए इनके समुचित समाधान की अपेक्षा करते हैं।

धरना प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र सिंह पटेल की उपस्थिति में अध्यक्षता जिला अध्यक्ष और संचालन जिला मंत्री अभिषेक सिंह ने किया। 

 प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह पटेल  ने कहा पुरानी पेंशन योजना हर हाल में बहस की जाए और चयन बोर्ड की धारा 12, 18 और 21 को पुनः स्थापित किया जाए तदर्थ शिक्षकों का विनती कारण किया जाए और वित्त विभिन्न शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।

 जिला अध्यक्ष और जिला कोषाध्यक्ष  तथा जिला मंत्री अभिषेक सिंह ने संयुक्त रूप से विज्ञप्ति देते हुए बताया कि विभिन्न मांगों के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कार्य संस्कृत में परिवर्तन लाने, अवशेष देयकों का समय बद्ध भुगतान करने एवं प्रशासनिक पत्रावलियों को भी लेखा संवर्ग को भेज कर अनावश्यक शिक्षक कर्मचारी को प्रताड़ित किए जाने की व्यवस्था को बन्द करने होंगे।

 प्रमुख मांगे/समस्याएं:

1. पुरानी पेंशन योजना हर हाल में बहाल की जाए।

2. शिक्षा सेवा अधिनियम 2023 में स्नातक वेतन कम से प्रवक्ता वेतन क्रम में पदोन्नति माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्ययों/ प्रधानाध्यापक को की तादाद पदोन्नति तथा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से संबंधित पूर्ववर्ती माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 यथा संशोधित की धाराओं क्रमशः 12,18 एवं 21 को पुनर्स्थापित किया जाए।

3. वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक मानदेय का भुगतान किया जाए। 

4. वर्ष 2000 के पूर्व वी पश्चात नियुक्त पदार्थ शिक्षकों का विनियमितिकरण किया जाए तथा सदर अध्यापक के रूप में की गई सेवाओं का लाभ चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान में भी दिया जाए। 5. एन0पी0एस0 से पुरानी पेंशन योजना में आए शिक्षकों के एन0पी0एस0 खातों की धनराशि की जीएफ खातों में ब्याज सहित अंतरण किया जाए।

6. कैशलेस चिकित्सा योजना में सेवानिवृत शिक्षकों, मदरसा, शिक्षकों, उत्तर प्रदेश की सीमा में निवास करने वाले आई.सी.एस.ई.के शिक्षकों को भी जोड़ा जाए।

7. शिक्षकों को राज्य कर्मियों की भांति त्रिस्तरीय प्राणायाम ए.सी.पी. प्रदान किया जाए। 8. व्यावसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों को विषय विशेषज्ञों की भर्ती रिक्त पदों पर आलेख कर उन्हें पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया जाए। 9. एन.पी.एस. का राज्यांश अनुदान विलंब से प्राप्त होता है जिससे कर्मचारी अंशदान जमा होने के बाद भी यह समय से एन.एस.डी.एल. में जमा नहीं हो पता है अतः इसे भी वेतन के अनुदान के साथ में सम्मिलित किया जाए।

10. 1 अप्रैल 2014 से नियुक्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी सामूहिक जीवन बीमा से आच्छादित किया जाए।  धरने में सम्मानित शिक्षक एवं शिक्षिकाएं डॉक्टर जितेंद्र सिंह पटेल प्रदेश अध्यक्ष,प्रदेश मंत्री अंजनी श्रीवास्तव,अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सत्येंद्र राय जी, जिला मंत्री वाराणसी अंजनी सिंह , डा. बृजेश सिंह, राम प्रताप, ऋषिकेशर्, संत लाल, अनिरुद्ध यादव, अजय सिंह, विनय कुमार ओझा, विनय सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, डा. विश्व नाथ यादव, प्रेम चंद, सूरज कुमार, मनोज कुमार यादव सहित जनपद से भारी संख्या में शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। 

अन्त में जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मौर्य ने सभी शिक्षकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री अभिषेक सिंह ने किया।

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