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| हमले से घायल युवक |
जौनपुर। जलालपुर स्थानीय थाना क्षेत्र के छतारी गांव में सोमवार को दिन दहाड़े उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार हमलावरों ने एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जान बचाने के लिए युवक गांव के ही एक घर में घुस गया, लेकिन हमलावरों ने पीछा करते हुए घर में घुसकर उस पर चाकू से कई वार कर दिए। युवक के पेट में एक और पीठ में तीन चाकू के वार लगने की बात सामने आई है। गम्भीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेहटी ले जाया गया, जहां पर उसकी हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया।
बताया गया कि बराई गांव निवासी रितेश अपने मित्र अभिषेक मिश्रा के साथ एक अन्य दोस्त से मिलने छतारी गांव गया था। इसी दौरान आधा दर्जन बाइक पर सवार अज्ञात युवकों ने कथित तौर पर रितेश पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बचने के लिए रितेश अपनी बाइक छोड़कर जान बचाने की गुहार लगाते हुए भागा और एक घर में घुस गया। आरोप है कि हमलावर भी उसका पीछा करते हुए घर में घुस गए और वहां रितेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले में गंभीर रूप से घायल रितेश जमीन पर गिरकर छटपटाने लगा। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी तो हमलावर मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े हुई वारदात से गांव में हड़कंप मच गया। किसी तरह घायल रितेश को सीएचसी रेहटी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, उसके साथ गए अभिषेक मिश्रा का भी निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व गांव में पड़ोस के कुछ लोगों से रितेश का कहासुनी के बाद विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि हमला उन्हीं लोगों द्वारा कराया गया हो सकता है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक घायल रितेश की हालत ऐसी थी कि वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। इसके चलते हमलावरों की पहचान की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हो सकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है।
पुलिस और रेहटी चिकित्सक की भूमिका संदिग्ध
जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोचन महादेव के पास युवक पर अनगिनत चाकूओं से हमला और हवाई फायरिंग करने के मामले में इलाका पुलिस और रेहटी की चिकित्सक की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। सोमवार दिन के लगभग एक बजे किशन यादव उम्र लगभग 19 वर्ष पुत्र राजेश यादव पर जब जानलेवा हमला हुआ उस समय हमलावर फरार हो गयें तो स्थानीय एवं परिवार के लोगों ने घायल को रेहटी स्वास्थय केंद्र पर ले गयें। जानकारी मिलने पर जलालपुर थाने के प्रभारी सहयोगी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गयें। चिकित्सक द्वारा इलाज के नाम पर सिर्फ पट्टी बांध दी गई और उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। अब प्रश्न इस बात का उठता है कि जहां थानेदार भी मौजूद हैं एैसे स्थिति में न तो उसका चिकित्सकिय परीक्षण (डॉक्टरी मुवायना) किया गया और न तो कोई कानूनी कारवाई की गई बस आनन फानन में उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया जहां जिला चिकित्सालय के आकास्मिक कक्ष के चिकित्सक ने भी गहरा ऐतराज करते हुए इसे संबंधित चिकित्सक द्वारा लापरवाही बरतने की बात बताई और उसे बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। इस बात से साफ जाहिर होता है कि सुरक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं। यह इस बात से साफ पता चलता है कि कितनी बड़ी लापरवाही बरती जाती है। रेहटी चिकित्सक द्वारा बिना चिकित्सकीय परीक्षण के घायल को जिला अस्पताल भेजने की लापवाही करने के मामले में उनके खिलाफ जांच करने की मांग की गई है।

