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| स्व. ठाकुर उमानाथ सिंह |
👉गरीबों और असहायों के हितों के लिए आजीवन संघर्ष किया, 13 सितंबर को तिलकधारी महाविद्यालय में होगी श्रद्धांजलि सभा
जौनपुर। 12 सितंबर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री स्व. ठा. उमानाथ सिंह की पुण्यतिथि पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया जा रहा है। उनके निधन को 32 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन त्याग, परोपकार, सादगी, विनम्रता, धैर्य और समर्पण से जुड़ी उनकी स्मृतियां आज भी लोगों के बीच जीवंत हैं। वह मूल्यों की राजनीति में विश्वास करते थे और जिले के विकास के लिए आजीवन संघर्षशील रहे।
राजनीतिक जीवन में स्व. उमानाथ सिंह की अलग पहचान थी। गरीबों और असहायों के हितों के लिए वह सदैव तत्पर रहते थे। अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंचने वाले हर व्यक्ति की बात वह सहजता से सुनते और उसके समाधान का प्रयास करते थे। मृदुभाषी स्वभाव के कारण सभी राजनीतिक दलों में उनका सम्मान था। उनके विचारों से विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता प्रभावित रहते थे।
मोहल्ला नखास स्थित उनके आवास की चौखट आम लोगों के लिए हमेशा खुली रहती थी। बरामदे में चौकी पर बैठकर वह समर्थकों और फरियादियों से सहजता से मिलते थे। गरीब और जरूरतमंद लोग बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते थे। उनका मानना था कि सत्य की राह कठिन जरूर होती है, लेकिन अंततः परिणाम सत्य के पक्ष में ही जाता है।
स्व. उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर साहित्य वाचस्पति श्रीपाल सिंह क्षेम की लिखी कविता भी उनके सामाजिक और मानवीय व्यक्तित्व को रेखांकित करती है। उनके परिवार में उन्होंने जो संस्कार बोए, वे आज भी उनकी विरासत के रूप में दिखाई देते हैं। उनके अनुज एवं टीडी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक स्व. अशोक सिंह ने भी अपने बड़े भाई की स्मृति में शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर समाजसेवा की मिसाल कायम की। कोरोना काल में स्व. अशोक सिंह का निधन हो गया, लेकिन जीवनभर उन्होंने अपने बड़े भाई के पदचिह्नों पर चलने का प्रयास किया।
स्व. उमानाथ सिंह के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र पूर्व सांसद कृष्ण प्रताप सिंह ‘केपी’ तथा परिवार के अन्य सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह और शिवेंद्र प्रताप सिंह समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
13 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा
स्व. उमानाथ सिंह के भतीजे राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर हाल में दोपहर 12 बजे से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव मौजूद रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह करेंगे।

