जौनपुर। राजनीतिक जीवन में स्व. उमानाथ सिंह की अपनी अलग पहचान थी। गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों के हितों के लिए वह हमेशा तत्पर रहते थे। अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंचने वाले हर व्यक्ति की बात वह सहजता से सुनते और उसके समाधान का प्रयास करते थे। मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के कारण सभी राजनीतिक दलों में उनका सम्मान था। उनके विचारों से विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता भी प्रभावित रहते थे।
मोहल्ला नखास स्थित उनके आवास की चौखट आम लोगों के लिए हमेशा खुली रहती थी। बरामदे में चौकी पर बैठकर वह समर्थकों, कार्यकर्ताओं और फरियादियों से सहजता से मिलते थे। गरीब और जरूरतमंद लोग बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते थे। उनका मानना था कि सत्य की राह कठिन जरूर होती है, लेकिन अंततः परिणाम सत्य के पक्ष में ही जाता है।
स्व. उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को साहित्य वाचस्पति श्रीपाल सिंह क्षेम की कविता भी रेखांकित करती है। उनके परिवार में उन्होंने जो सामाजिक और मानवीय संस्कार स्थापित किए, वे आज भी उनकी विरासत के रूप में दिखाई देते हैं।
उनके अनुज एवं टीडी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक स्व. अशोक सिंह ने भी अपने बड़े भाई की स्मृति और विचारों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षण संस्थानों की स्थापना तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। कोरोना काल में उनका निधन हो गया, लेकिन जीवनभर उन्होंने अपने बड़े भाई के पदचिह्नों पर चलने का प्रयास किया।
स्व. उमानाथ सिंह के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र एवं पूर्व सांसद कृष्ण प्रताप सिंह ‘केपी’ तथा परिवार के अन्य सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह और शिवेंद्र प्रताप सिंह समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
13 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा
स्व. उमानाथ सिंह के भतीजे राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर हाल में दोपहर 12 बजे से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव मौजूद रहेंगे।
समारोह की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह करेंगे। श्रद्धांजलि सभा में स्व. उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व, कृतित्व और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
