Type Here to Get Search Results !

JAUNPUR NEWS भगवान राम के जीवन से जुड़े आदर्शों को अपने जीवन में उतारें : शांतनु महराज

जौनपुर। बीआरपी कॉलेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पूज्य शांतनु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रामकथा सुनने की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसकी शिक्षाओं को व्यवहार में उतारा जाए। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, सत्य, मर्यादा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की अनुपम मिसाल है।

महाराज जी ने विभीषण की शरणागति और हनुमान जी के पराक्रम का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के प्रति सच्चा समर्पण ही जीवन को सही दिशा देता है। कलियुग में प्रभु श्रीराम का नाम-स्मरण सबसे सरल साधना है। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे गाने, समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। मनुष्य का मन सर्वोपरि है, इसलिए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एकाग्रता, समर्पण और दृढ़ संकल्प जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। माता-पिता का सम्मान, पारिवारिक संबंधों का निर्वहन, सत्य के मार्ग पर चलना और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने श्रद्धालुओं से रामकथा की शिक्षाओं को अपने परिवार और समाज में अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर शांतनु जी महाराज ने श्रीराम कथा के मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर, रमेश जी (प्रांत प्रचारक, काशी प्रांत, आरएसएस), करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह, रत्नाकर चौबे, अरविन्द सिंह, रत्नसेन सिंह, माउंट लिट्रा जी स्कूल के निदेशक अरविंद सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. सत्यप्रकाश सिंह, डॉ. राकेश सिंह, रमेश सिंह, डॉ. मनोज वत्स, डॉ. सुभाष सिंह, राजेश सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Tags

Top Post Ad

Below Post Ad