जौनपुर। आदर्श रामलीला समिति जमालपुर मदारपुर के तत्वाधान में पंचवटी प्रसंग का मंचन किया गया। भगवान राम अपनी पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ पंचवटी में निवास कर रहे थे। इसी बीच राक्षस राज रावण की बहन सूपनखा पंचवटी में आ गई वह राम की सुंदरता देखकर मोहित हो गई। सुपनखा राम के पास गई और उनसे बोली कि उनके जैसा पुरुष और मेरे जैसी स्त्री संसार में नहीं है। विधाता ने ऐसा संयोग सोच विचार करके बनाया है। यदि वे उससे विवाह कर ले तो जीवन सुखमय हो जाएगा। भगवान राम ने स्वयं को विवाहित बताकर विवाह करने से इनकार कर दिया। फिर उसने लक्ष्मण पर डोरी डालना शुरू किया परंतु उन्होंने विवाह करने से मना कर दिया। सूर्पनखा पुणे राम को लुभाने का प्रयास किया परंतु बात नहीं बनी। अंत में वह सीता को ही खा जाने के लिए दौड़ पड़ी तभी लक्ष्मण ने कृपाण से उसकी नाक काट दी। दर्शक गढ़ देर रात तक रामलीला का आनंद लेते रहे। दर्शकों ने राम बने आशुतोष लक्ष्मण बने पिंकू सरोज, सीता बन पिंकू और सूपनखा के रूप में पंकज शर्मा के अभिनय की सराहना की। आभार ज्ञापन डॉक्टर रामकृष्ण यादव ने किया।
