👉अगर पुलिस अकाउंट से लेन देन की करती है जांच तो कई आएंगे कानून के शिकंजे में
जौनपुर। बीते तीन महीने पहले जनपद की पुलिस ने एक बड़े ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। जिसका मुख्य सरगना वाराणसी जनपद निवासी राहुल राजभर पुत्र शिव शंकर राजभर समेत सात अन्य लोग थे। तत्कालीन एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह और आईपीएस अधिकारी गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया था और राहुल राजभर के यूनियन बैंक के खाते से 34 करोड रुपए के लेनदेन की वित्तीय जांच में पुलिस तभी से लगी हुई है। सूत्रों से पता चला है कि अभी भी कई किरदार साफ सुथरे पर्दे के पीछे बचे हुए हैं। यदि राहुल राजभर के अकाउंट से किन-किन व्यक्तियों को पैसा दिया गया है उसकी पुलिस गहनता से जांच करें तो कई ऐसे चेहरे सामने आएंगे जो समाज में अपनी प्रतिष्ठा बनाकर अभी भी कानून के शिकंजे से बचे हुए है। इस ठगी के सरगना से संबंध रखने वाले कई गुर्गे अभी भी कानून के पकड़ से दूर बताये जा रहे हैं। बताते चले कि फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLA) और पिरामिड चैन नेटवर्क के नाम पर बेरोजगार युवकों और युक्तियां से करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी। जिस समय पुलिस ने इस ठगी का भंडाफोड़ किया था तो जनपद ही नहीं पूरे पूर्वांचल में इसकी चर्चा जोरों पर हुई थी।
सरगना से संबंध रखने वाले लोग..
खुफिया सूत्रों से पता चला है कि सरगना से नजदीकियां रखने वाले लोग फर्श से अर्श तक पहुंच गए है। पैदल चलने वाला व्यक्ति दो पहिया वाहन से और दो पहिया से चलने वाला व्यक्ति चार पहिया वाहन से चलने लगा है। जिले के कई लोग उस काले धन का उपयोग करके विभिन्न क्षेत्रों में लगा रखा है। सूत्र यहां तक बताते है कि काला धन कई जगहों पर लगा हुआ है यदि सरगना के करीबियों की पुलिस जांच करे तो कई नए चेहरे सबको चौका सकते है।
